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जाने कौन है भारतीय मूल की पहली महिला जो बनी न्यूज़ीलैंड की मिनिस्टर

Priyanca-Radhakrishnan
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प्रियंका राधाकृष्णन न्यूजीलैंड की पहली भारतीय मूल की मंत्री बनीं। जैसिंडा अर्डर्न ने अपने मंत्रिमंडल में पाँच नए मंत्रियों को शामिल किया है, जिनमें प्रियंका राधाकृष्णन भी हैं। न्यूज़ीलैंड में प्रियंका, सत्ताधारी लेबर पार्टी की नेता हैं। 41 साल की प्रियंका सितंबर 2017 में लेबर पार्टी से पहली बार सांसद चुनी गईं। 2019 में वो एथनिक कम्युनिटी मंत्री की संसदीय निजी सचिव बनीं।

राधाकृष्णन को Diversity, Inclusion and Ethnic Communities के साथ-साथ Community and Voluntary Sector मंत्री और Social Development and Employment के लिए सहयोगी मंत्री बनाया गया है। उन्होंने अपना कामकाजी जीवन ऐसे लोगों की ओर से वकालत करते हुए बिताया है, जिनकी आवाज़ें अक्सर घरेलू हिंसा में बची महिलाओं, और शोषणग्रस्त प्रवासी कामगारों की होती हैं। प्रियंका न्यूज़ीलैंड में उन लोगों की आवाज़ बनी थीं, जिनके लिए इंसाफ़ की लड़ाई काफ़ी चुनौतीपूर्ण होती है।

प्रियंका का जन्म चेन्नई में हुआ था लेकिन उनका परिवार केरल के परावूर से है। प्रियंका ने स्कूल की पढ़ाई सिंगापुर से की थी। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो न्यूज़ीलैंड चली गई थीं। उन्होंने वेलिंगटन के विक्टोरिया विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और Development Studies में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। स्नातक करने के बाद, राधाकृष्णन ने ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के बीच एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम किया। वह अपने पति के साथ ऑकलैंड में रहती है।

नए मंत्रियों के नामों की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री जैसिंड अर्डर्न ने कहा “मैं इन क्षेत्रों में पहली बार के अनुभव के साथ कुछ नई प्रतिभाओं को लाने के लिए उत्साहित हूं, जो इन क्षेत्रों में काम करेंगे और न्यूजीलैंड को प्रतिबिंबित करेंगे। नई कार्यकारिणी को 6 नवंबर, शुक्रवार को शपथ दिलाई जाएगी, जिसके बाद कैबिनेट की पहली बैठक होगी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रियंका के इस उपलब्धि के लिए उन्हें ट्विटर पर बधाई भी दी है।

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