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स्तन कैंसर का काल बनी भारतीय मूल की युवा, होंगी सम्मानित

Jajini Varghese
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39 साल की ब्रिटेन स्थित भारतीय मूल की प्लास्टिक सर्जन ‘डॉ जैजिनी वर्गीस’ को एक नॉनप्रॉफिट एनजीओ की तरफ से Outstanding Young Person of the World 2020 के पुरस्कार से Medical Innovation Category के अंतर्गत नामित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार स्तन कैंसर के निदान और उपचार के लिए अपने अविश्वसनीय वैज्ञानिक योगदान के लिए नाम दिया गया है।

उन्हें स्तन कैंसर पर उनके शोध के लिए Junior Chamber International (JCI) द्वारा पहचाना गया है। वह Medical Innovation Category के तहत अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए यूके के 10 प्रत्याशियों में शामिल हैं। वर्गीज Royal Free Hospital and University College London में ‘ओंकोप्लास्टिक ब्रेस्ट सर्जरी’ में सलाहकारहैं।

Junior Chamber International (JCI) यह पुरस्कार 40 साल से कम उम्र के उत्कृष्ट युवाओं को सम्मानित करने के लिए देता है। यह हर साल आयोजित किया जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए दुनिया भर के 110 देशों से नामांकन आते हैं। यह पुरस्कार व्यवसाय, राजनीति, शिक्षाविदों, संस्कृति, बाल कल्याण, विश्व शांति, चिकित्सा और वैज्ञानिक श्रेणी के अंतर्गत दी जाती है।

वर्गीस मूलतः केरल की है और अभी अपने पति और दो बच्चों के साथ लंदन में रहती है। वर्गीज 17 साल पहले भारतीय चिकित्सा छात्रों के लिए ईएमईटी छात्रवृत्ति के प्रस्ताव और स्थापना में सहायक थी, जो स्नातक में ग्रामीण क्षेत्रों में दो साल तक का समय बिताएंगे जहां चिकित्सा कर्मचारियों की भारी कमी थी । उन्हें भारत से चिकित्सा में प्रथम श्रेणी में स्नातक होने के बाद अपने एमफिल और ‘जेनेटिक्स ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर’ पर पीएचडी करने के लिए ‘कैंब्रिज कामनवेल्थ फुल स्कॉलरशिप’ मिली।