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एक अंतरिक्ष परी, जिसका आखरी सफर कभी पूरा न हो पाया,जानिए अंतरिक्ष परी कल्पना से जुड़ी दिलचस्प बातें

KALPANA-CHAWLA
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जहाँ आज भी देश के कई कोनों में औरतों को पीछे रखा जाता है और उनको घर में रह कर घर संभालने को कहा जाता है। वहीं आज से 18 साल पहले एक महिला ने इस मानसिकता को तोड़ते हुए अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला बनी। और वो थी भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला। कल्पना का जन्म हरियाणा के करनाल जिले में हुआ था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा भी था “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं। हर पल अंतरिक्ष के लिए हीं बिताया है और इसी के लिए मरूंगी भी।”

➤ कल्पना चावला (Kalpana Chawla) का जन्म 17 मार्च 1962 में हरियाणा के करनाल में हुआ था।

➤ वे अपने परिवार में चारो भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।

➤ कल्पना को उनके परिवार वाले प्यार से मोंटू पुकारते थे।

➤ कल्पना J R D Tata से काफी प्रेरित थी जो एक अग्रणी भारतीय विमान चालक और उद्योगपति थे।

➤ कल्पना चावला की शुरुआती पढाई “टैगोर पब्लिक स्कूल” करनाल में हुई थी।

➤ उन्होंने Aeronautical Engineering में पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से 1982 में Engineering से ग्रेजुएशन पूरी की।

➤ फिर उन्होंने अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय, आर्लिंगटन से 1984 में Aeronautical Engineering में अपनी मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की।

➤ कल्पना ने 1986 में अपनी दूसरी मास्टर्स की डिग्री पूरी की थी।

➤ कोलोराडो विश्वविद्यालय बोल्डर से 1988 में Aeronautical Engineering में विद्या वाचस्पति की उपाधि पाई थी।

➤ साथ हीं कल्पना को हवाई जहाज़ों, ग्लाइडरों और Commercial Operations के लाइसेंसों के लिए प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षक का भी दर्ज़ा हासिल था।

➤ उन्हें Commercial Operator for Single and Multi-Engine Airplanes के विमानचालक का लाइसेंस भी प्राप्त था।

अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले कल्पना एक बेहतरीन NASA की Scientist थी

1988 के अंत में NASA के एम्स अनुसंधान केंद्र के लिए कल्पना ने ओवेर्सेट मेथड्स इंक के उपाध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया था, वहीं वी/एसटीओएल में सीएफ़डी पर अनुसंधान किया।

➤ कल्पना ने मार्च 1995 में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुईं और 1998 में वो अपनी पहली उड़ान के लिए चुनी गयीं थी।

➤ कल्पना अपना पहला अंतरिक्ष मिशन 19 नवम्बर 1997 को 6 अंतरिक्ष यात्री दल के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान STS-87 से शुरू हुआ।

➤ साल 2003 में उन्होंने कोलंबिया शटल से अंतरिक्ष के लिए दूसरी उड़ान भरी। जो 16 दिनों का अंतरिक्ष मिशन था।

16 जनवरी को शुरू हुआ ये अभियान 1 फरवरी को खत्म होना था।

1 फरवरी को जब धरती पर लौटने के दौरान शटल धरती की परिधि में पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो कल्पना सहित 6 दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों की भी मौत हो गई

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