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‘Virat’ हुआ रिटायर, 13 बार रह चुका है गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा

Virat Retirement
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DESK : भारत के राष्ट्रपति के सुरक्षा बेड़े में कई सालों से तैनात रहा घोड़ा ‘विराट’ (Virat Retirement) कल रिटायर हो गया है. राजपथ पर संपन्न हुए 73वें गणतंत्र दिवस समारोह के तुरंत बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपने अंगरक्षक बेड़े में शामिल विराट को रिटायर कर दिया.

‘विराट’ जब 73वें गत्रतंत्र दिवस की परेड में पहुंचा था तो पीएम मोदी भी उसे दुलार करने से नहीं रोक पाए. पीएम मोदी ने ‘विराट’ को प्यार से सहलाया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी ‘विराट’ को सहला रहे थे. दरअसल, ‘विराट’ इकलौता घोड़ा है जो 13 बार गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा ले चुका है. यही वजह है कि आज ‘विराट’ को शानदार तरीके से रिटायर किया गया.

शानदार कदकाठी वाले ‘विराट’ को राष्ट्रपति के बाडीगार्ड कमांडेंट कर्नल अनूप तिवारी के चार्जर के तौर पर सम्मान दिया गया था. ‘विराट’ की योग्यताओं और सेवाओं को देखते हुए उसे कई बार सम्मानित किया जा चुका है. ‘विराट’ राष्ट्रपति के अंगरक्षक परिवार में शामिल रहा है.

‘विराट’ को सेना दिवस 2022 के अवसर पर चीफ आफ आर्मी स्टाफ कामनडेशन कार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. विराट एक बेमिसाल घोड़ा है जो पिछले 19 सालों से राष्ट्रपति की रक्षा कर रहा है. विराट को अपनी योग्यता और सेवाओं के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमांडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है.

इससे पहले बुधवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति के अंगरक्षक (PBG) द्वारा उसे वापस राष्ट्रपति भवन ले जाया गया. राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड कमांडेंट के काले घोड़े विराट की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया. विराट की सेवानिवृत्ति की घोषणा पीबीजी ने कल परेड के समापन के बाद की. राष्ट्रपति के अंगरक्षक भारतीय सेना में सबसे विशिष्ट रेजिमेंट हैं, जिन्हें हजारों की संख्या में विरासत के आधार पर चुना जाता है.

परेड के दौरान विराट को सबसे भरोसेमंद घोड़ा माना जाता है. हनोवेरियन नस्ल के इस घोड़े को 2003 में अंगरक्षक परिवार में शामिल किया गया था. यह घोड़ा अपने नाम के मुताबिक बहुत ही सीनियर, अनुशासित और आकर्षक कदकाठी का है. यह घोड़ा 2003 में हेमपुर के रिमाउंट ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो से तीन साल की उम्र में यहां लाया गया था.

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