फुल वॉल्यूम 360°

Omicron से मुकाबले को बिहार तैयार, जानिए नीतीश सरकार का मास्टर प्लान

nitish omicron
Share Post

PATNA : देश-दुनिया में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) ने हड़कंप मचा दिया है. भारत भी ओमीक्रोन (Omicron) को लेकर हाई अलर्ट पर है. बिहार की बात की जाए तो यहां अबतक तो ओमीक्रोन (Omicron) का एक भी केस नहीं मिला है लेकिन नीतीश सरकार ने इसे लेकर अधिकारियों को पहले से ही अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया है. मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में भी सरकार ने ओमिक्रोन को लेकर कई अहम फैसले लिए.

नीतीश सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के चार चिकित्सा संस्थानों और नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (NMCH) में नए भवनों के निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 838.54 करोड़ रुपये मंजूर किए. स्वीकृत राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित है.ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए इसे बिहार सरकार की तरफ से बड़ा फैसला माना जा रहा है.

दूसरी ओर कैबिनेट ने बेगूसराय में राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल में भवन निर्माण एवं अन्य अधोसंरचना के निर्माण के लिए 257.46 करोड़ रुपये मंजूर किए. इसकी क्षमता 150 छात्रों की है. इसी तरह कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर में राय बहादुर टुंकी साह होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए 121.01 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिसमें 120 छात्रों के बैठने की क्षमता है.

कैबिनेट ने दरभंगा के मोहनपुर स्थित महारानी रामेश्वरी भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निर्माण गतिविधियों के संचालन के लिए 195.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए. यह 150 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल बनेगा. इसके अलावा, कैबिनेट ने तिब्बी कॉलेज, कदमकुआं ( पटना ) के नए परिसर के निर्माण और नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, आगमकुआं (पटना) में आवश्यक भवन के निर्माण के लिए 264.44 रुपये की मंजूरी दी.

जानकारी हो कि मंगलवार की देर शाम पटना के 4 देशरत्न स्थित संवाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की इस अहम बैठक में 17 एजेंडों पर मुहर लगी. नीतीश कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चार डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. गोपालगंज सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थापित डॉ असलम हुसैन और पूर्णिया सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ मोहम्मद सबाह अंसारी की बर्खास्तगी पर मुहर लगी है. डॉ असलम हुसैन जनवरी 2015 और डॉ मोहम्मद सबाह अंसारी जून 2014 से से लगातार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे. जिसके कारण यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

इन दोनों चिकित्सा पदाधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग अंतगर्त किशनगंज के छतरगाछ रेफरल अस्पताल में पोस्टेड महिला डॉ शिवानी सिंह और किशनगंज सदर अस्पताल में तैनात डॉ सुनील कुमार चौधरी की भी नौकरी चली गई है. बिहार सरकार ने ड्यूटी से गायब रहने के कारण इन दोनों डॉक्टरों को भी बर्खास्त किया है. डॉ शिवानी सिंह साल जून 2016 और डॉ सुनील कुमार चौधरी मई 2016 से ही लगातार ड्यूटी से लापता हैं. इसलिए इन दोनों को भी सरकार ने बर्खास्त कर दिया है.

इन चारों डॉक्टरों को बर्खास्त करने के साथ-साथ ने गया जिले के अतरी के तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर कविंद्र प्रसाद सिंह को भी जबरन रिटायरमेंट दे दिया है. मंत्रिपरिषद की बैठक में अनिवार्य सेवानिवृति पर मुहर लगी है.

Latest News

To Top