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बिहार में आज से महंगा हुआ Bus सफ़र, जानिए अब कितना देना होगा भाड़ा

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PATNA : बिहार में अब लोगों को बस (Bus) से यात्रा करना थोड़ा महंगा हो गया है. बिहार राज्य परिवहन निगम ने पटना से प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों के बीच चलने वाली सामान्य और AC बसों के किराये में औसतन 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है. नई दरें आज से शुरू कर दी गई है. इसकी जानकारी निगम प्रशासक सन्नी सिन्हा ने दी है.

नई दरें लागू होने के बाद यात्रियों को निगम के नियंत्रण में चलने वाली निजी बसों का किराया का बढ़ा हुआ दर भुगतान करना होगा. आज से बिहारशरीफ से पटना आने और जाने वाले यात्रियों को अब 116 रुपये किराया देना होगा जो पहले केवल 90 रुपये देना पड़ता था. इसी तरह से पटना से मुजफ्फरपुर का किराया 116 रुपया कर दिया गया है जो पहले 90 रुपये था.

पटना से नवादा जाने वाले यात्रियों को अब 112 रुपये के बदले 165 रुपये भरने होंगे. पटना से बेतिया एसी बस का किराया 350 कर दिया गया है जबकि पहले यह 297 रुपये था. पटना बेतिया डीलक्स का भाड़ा 301 रुपया कर दिया गया है था जो पहले केवल 257 रुपये था. इसके अलावा पटना औरंगाबाद का किराया पहले 194 रुपये था जो बढ़कर 222 रुपये कर दिया गया है.

पटना से समस्तीपुर डीलक्स बस का किराया 155 रुपये कर दिया गया है जो पहले145 रुपये था. पटना छपरा का पुराना किराया 90 रुपये था जो बढ़कर 116 रुपये हो गया है. पटना से बक्सर की अगर बात कर लें तो पुराना किराया 157 रुपये था जो बढ़कर 193 रुपए हो गया है. पटना बाल्मीकि नगर एसी बस का किराया 451 कर दिया गया है जो पहले केवल 376 रुपये था. पटना-राजगीर एसी बस का नया किराया 193 रुपए कर दिया गया है जबकि पहले ये 158 रुपये था.

पटना-दरभंगा का किराया पहले 136 रुपये था जो बढ़कर 193 रुपए कर दिया गया है. इसी तरह से पटना पूर्णिया एसी बस का नया किराया 468 रुपये कर दिया गया जबकि पुराना किराया 410 रुपये था. इसी तरह पटना-कटिहार एसी बस का नया किराया 468 रुपये कर दिया गया जबकि पुराना किराया 420 रुपये था.

बता दें कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बसों के किराये में लगभग चार साल पहले वृद्धि की थी. लेकिन इस बार ईंधन के मूल्य और अन्य परिचालन लागत में खासी बढ़ोतरी हो गई है. राज्य में परिवहन निगम के नियंत्रणाधीन कुल साढ़े तीन सौ बसें परिचालन में है. इधर, डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद से निजी बस संचालक लगातार किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे. लेकिन खास बात यह है कि सरकार का बसों का किराया बढ़ाने का निर्णय इस वक्त आया है, जब डीजल के दामों में गिरावट हुई है.

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