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Bihar के 2 बच्चों को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, जानिए इनके बहादुरी के किस्से

DHIRAJ-PAL
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PATNA : बिहार (Bihar) के दो बच्चों को इस बार 26 जनवरी पर राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से नवाज़ा जाएगा. बिहार के बेतिया के रहने वाले 14 वर्षीय धीरज कुमार और छपरा के 8 साल के पल साक्षी को ये राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा.

बता दें कि बेतिया के धीरज कुमार को उसके साहसिक कदम की वजह से दिया जा रहा है. पिछले साल धीरज अपने भाई की जान बचाने के लिए मगरमच्छ से लड़कर अपने छोटे भाई की जान बचाई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धीरज से बात की और धीरज से उस वाक्ये को जाना और भविष्य के बारे में भी सवाल किया.

धीरज ने बताया कि पिछले साल 2 सितंबर को वह और उसका छोटा भाई नीरज कुमार (11) भैंस चराने के लिए गए थे. इसी दौरान गंडक नदी की एक सोती में दोनों भाई भैंस को नहलाने लगे. इसी बीच छोटे भाई पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया. ये देखते ही धीरज मगरमच्छ से जा भिड़ा. भैंस चराने के लिए साथ में ले गए डंडे से वो मगरमच्छ पर वार करता रहा. इसके बाद मगरमच्छ को हराकर धीरज ने अपने छोटे भाई नीरज की जान बचा ली. हालांकि, इस दौरान दोनों भाई गंभीर रूप में घायल भी हो गए थे. उनका जीएमसीएच बेतिया में 7 दिनों तक इलाज भी चला था.

धीरज के पिता राजबली यादव किसान हैं. वहीं, मां घर के कामों के बाद पिता के काम में भी मदद करती हैं. दोनों बच्चे धीरज और नीरज ग्रामीण स्कूल में पढ़ाई के साथ पिता के काम में हाथ बंटाते हैं. गणतंत्र दिवस 2022 के दिन बिहार के एक साहसी लाल को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया जाएगा. बिहार के बेतिया का रहने वाला यह साहसी बालक पिछले साल काफी सुर्खियों में रहा था. पीएम मोदी से बातचीत के दौरान धीरज ने बताया कि वो फौजी बन देश की सेवा करना चाहता है.

वहीं, छपरा के साहेबगंज निवासी मनीष कुमार और शिक्षिका रश्मिता साह के 8 वर्षीय पुत्र पल साक्षी का चयन राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 के लिए हुआ है. पल साक्षी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन रूबरू हुए. आठ वर्षीय पल साक्षी केंद्रीय विद्यालय छपरा के कक्षा तीन का छात्र है. इसे छपरा में शतरंज का नन्हें जादूगार भी लोग कहते हैं.

उल्लेखनीय हो कि भारत सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन ऑनलाइन मांगे गए थे. इसमें पल साक्षी की तरह समाजसेवा कोटि से आवेदन किया गया था. बाल शक्ति पुरस्कार के तहत नवीन अविष्कार, असाधारण शैक्षिक योग्यता कला, खेलकूद, सांस्कृतिक क्षेत्र, समाज सेवा, बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चे को मिलता है, जिनकी आयु 18 साल तक की होती है.

पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपए की राशि एवं एक मेडल प्रदान किया जाएगा. बाल शक्ति पुरस्कार विजेताओं को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया जाता है. इस बार कोरोना के कारण शामिल किया जाएगा कि नहीं इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. पल साक्षी ऑनलाइन चैरिटी के माध्यम से धन संग्रह का पीएम केयर्स फंड में पैसा भेजा था. कोरोना काल में पल साक्षी ने 10 हजार रुपये पीएम केयर्स फंड में भी भेजा था. इसके साथ ही उसने चैरिटी के माध्यम से धन संग्रह किया था.

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