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अब कोरोना मरीजों को RT PCR जांच की जरुरत नहीं, केवल Antigen Test ही काफी

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DESK : एंटीजन जांच में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद मरीजों की अब आरटी पीसीआर (RT PCR) जांच नहीं कराई जाएगी. राज्य सरकार ने कोरोना जांच के बारे में नये निर्देश मुजफ्फरपुर सहित सभी जिलों को भेज दिए हैं.

अब तक एंटीजन जांच (Antigen Test) में पॉजिटिव पाए जाने के बाद मरीजों की आरटी पीसीआर (RT PCR) जांच भी कराई जाती थी. अब स्वास्थ्य विभाग ने एंटीजन जांच (Antigen Test) की रिपोर्ट के बाद ही मरीज को संक्रमित मान लेने का निर्देश दिया है. एंटीजन जांच (Antigen Test) में पॉजिटिव पाए जाने के बाद से ही मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाएगा. कोरोना के नोडल अफसर डॉ. सीके दास ने बताया कि एंटीजन जांच (Antigen test) में पॉजिटिव पाए जाने पर ही मरीज को संक्रमित मानकर उसे आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा. नये निर्देश के अनुसार कोरोना मरीजों का होम आइसोलेशन, अब केवल सात दिनों का ही होगा. यदि मरीज को तीन दिन तक बुखार नहीं आया तो उसे निगेटिव माना जाएगा. बता दें, पहले क्वारंटाइन की अवधि 14 दिनों की होती थी.

अब संक्रमित मरीजों को दवा की दो किट दी जाएगी. एक किट जांच केंद्र/अस्पताल और दूसरी किट पटना स्वास्थ्य विभाग से आएगी. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को किसी भी कीमत पर दवा की कमी नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि मरीजों का पूरा पता लिखा जाए ताकि दवा पहुंचाने में दिक्कत न हो. किट में पारासिटामॉल की गोली, एंटीबायोटिक, विटामिन सी और मल्टी विटामिन की गोलियां दी जा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि वे प्रमुख से लेकर, वार्ड पार्षद को भी कोरोना से बचाव काम में अपने साथ जोड़ें.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सूबे के सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि हर दो दिन पर संक्रमितों का हाल जानने मेडिकल टीम उनके घर जाएगी. कंट्रोल रूम से दिन में दो बार फोन कर मरीजों का हाल लिया जाएगा. इस बार चुनौती अधिक है, इसलिए एहतियात बरतने होंगे. निर्देश दिया है कि संक्रमितों के घर मेडिकल वैन भी जाएगी, जो उन्हें दवा देगी और उनको हो रही परेशानियों के बारे में जानकारी लेगी.

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