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World Kidney Day : आप भी रह सकते हैं किडनी की बीमारी के साथ स्वस्थ

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हमारे शरीर में ऐसे कई सारे अंग है जिनका महत्व उसके ख़राब होने पर पता चलता है। उनमें से एक है किडनी, ऐसे तो हम एक किडनी पर भी अपना जीवन जी सकते हैं लेकिन दोनों के होने से हमारा शरीर ज्यादा अच्छा काम करता है।

आज 11 मार्च को दुनियाभर में ‘वर्ल्ड किडनी डे’ मनाया जा रहा है। हर साल विश्व किडनी डे की थीम निर्धारित की जाती है। इस साल वर्ल्ड किडनी डे की थीम “Living Well with Kidney Disease” रखी गई है। जिसका अर्थ होता है “किडनी की बीमारी के साथ अच्छी तरह से रहना।”

भारत में हर साल दो लाख लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारी हो जाती है। शुरुआती स्टेज में इस बीमारी को पकड़ पाना मुश्किल होता है। क्योंकि दोनों किडनी 60% खराब होने के बाद ही मरीज को इसका पता चल पाता है।

दुनियाभर में किडनी की बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ने से इस बीमारी से निवारण और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए मार्च के दूसरे गुरुवार को ‘वर्ल्‍ड किडनी डे’ मनाया जाता है।

ऐसे करें पहचान

किडनी रोग को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित होता है। इसके रोगों से बचाव के लिए नियमित जांच और जीवनशैली जरूरी है। लेकिन जागरूकता की कमी से ये बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। किडनी की बीमारी के शुरूआती लक्षणों में लगातार उल्टी आना,भूख नहीं लगना, थकान और कमज़ोरी महसूस होना,पेशाब की मात्रा कम होना, खुज़ली की समस्या होना, नींद नहीं आना और मांसपेशियों में खिंचाव होना प्रमुख हैं।

‘वर्ल्ड किडनी डे’ की शुरुआत साल 2006 में की गयी थी, जिसका उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ी समस्याओं और उपचार के विषय में जागरूक करना है। भारत सहित दुनियाभर में किडनी रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही जा रही है, जिसकी वजह से लोगों की जान तक चली जाती है। इसी को देखते हुए ‘वर्ल्ड किडनी डे’ को मनाने का फैसला लिया गया था।

लाखों सूक्ष्म तंतुओं से मिलकर एक किडनी बनती है, इन तंतुओं को नेफ्रॉन्स कहा जाता है। नेफ्रॉन्स का काम ब्लड को फिल्टर करना होता है। और इसी नेफ्रॉन्स में गड़बड़ी के कारण किडनी में ज्यादातर समस्याएं होती हैं। अगर नेफ्रान्स क्षतिग्रस्त हो जाए तो खून की सफाई नहीं हो पाती है। फिल्टर के दौरान ब्लड में मौजूद हानिकारक तत्वों को और साथ हीं शरीर में पानी को छानकर यूरिन के रूप में बाहर निकाला जाता है। किडनी के साथ यूरेटर जुड़ी होती हैं, जिसके ज़रिये खून साफ होता है और फिर उसका अवशेष ब्लैडर तक पहुंचता है।

इस बीमारी से बचने के उपाय:

➧ नियमित रूप से योग करने से इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
➧ धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं कर इसे रोका जा सकता है।
➧ फास्ट फूड की जगह पौष्टिक खाने का सेवन करना चाहिए।
➧ अक्सर लोग दर्द से निजात पाने के लिए पेन किलर खाते हैं,लेकिन किडनी खराब होने की स्थिति में पेन किलर नहीं लेना चाहिए।
➧ समय समय पर ब्लड प्रेशर या डाइबिटीज का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

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