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18 महीने से कम समय में Koo ने बनाया ये रिकॉर्ड

KOO
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मार्च 2020 में लॉन्च होने वाला भारत का अपना मल्टी-लैंग्वेज माइक्रो-ब्लॉगिंग ऐप Koo ने 18 महीने से कम समय में ही 1 करोड़ (10 मिलियन) डाउनलोड को पार कर लिया है। इस प्लेटफार्म पर अब सभी क्षेत्रों के लोग हैं। जैसे फिल्मी सितारे, राजनेता, खिलाड़ी, लेखक, पत्रकार – आठ भाषाओं में अपने अपडेट शेयर कर रहे हैं और अपने फॉलोवर्स के साथ प्रतिदिन जुड़ रहे हैं।

Koo ने अपने मंच पर कई प्रमुख चेहरों को देखा है। जैसे प्रमुख अभिनेता; अनुपम खेर, टाइगर श्रॉफ, कंगना रनौत ; जैसे प्रमुख मंत्री और राजनेता -नितिन गडकरी, कमलनाथ, अशोक गहलोत, योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान, सुप्रिया सुले, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, रविशंकर प्रसाद, संजय सिंह, YS जगन मोहन रेड्डी, बसवराज बोम्मई, एचडी कुमारस्वामी, भूपिंदर सिंह हुड्डा और चंद्रशेखर आजाद कुछ के नाम हैं ; मोहम्मद शमी, रिद्धिमान साहा, आकाश चोपड़ा, जवागल श्रीनाथ, साइना नेहवाल, अभिनव बिंद्रा, रवि कुमार दहिया, मैरी कॉम और कई अन्य जैसे खिलाड़ी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY), प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), रेल मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, माय गोव (MyGov), डिजिटल इंडिया, बी एस एन एल (BSNL), इंडिया पोस्ट, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) अब Koo पर उपस्थित हैं। 14 भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के राजनेता – क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दोनों – और मीडिया हाउस भी कू पर सक्रिय हैं। यह प्लेटफॉर्म अब सरकारी विभागों और अन्य लोगों की मेजबानी कर रहा है, जो इसका इस्तेमाल भारतीय भाषाओं में लोगों के साथ विकास और अपडेट शेयर करने के लिए करते हैं।

Koo के एक प्रवक्ता ने कहा, “Koo को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने के सपने के साथ शुरू किया गया था जहां लाखों भारतीय स्वतंत्र रूप से अपने विचारों को व्यक्त कर सकें और अपनी पसंदीदा भाषा में अपने विचार शेयर कर सकें। जब से हमने मार्च 2020 में लॉन्च किया है, प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है।

सीरियल इंटरप्रेन्योर अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका के विचारों से जन्मा, Koo ऐप अब हिंदी, कन्नड़, मराठी, तमिल, तेलुगु, असमिया, बांग्ला और अंग्रेजी सहित 8 भाषाओं में उपलब्ध है। भारत को पहले स्थान पर रखने के पॉइंट ऑफ व्यू के साथ निर्मित इस प्लेटफॉर्म ने कई तकनीकी विशेषताएं पेश की हैं जो ज्यादा भारतीयों को ऑनलाइन बातचीत में शामिल होने में सक्षम बनाती हैं, जिससे उन्हें मंच के माध्यम से खुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अधिकार मिलता है। Koo ऐप को जल्द ही गुजराती और पंजाबी में उपलब्ध कराया जाएगा।