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NATIONAL CANCER AWARENESS DAY : सवधानी बरतें कैंसर से बचें

cancer awareness day
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कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होती है। दुनिया भर में कैंसर की चपेट में सबसे ज्यादा लोग फंसे हुए है। कैंसर होता तो एक वयक्ति को है लेकिन उस व्यक्ति के पुरे परिवार को मानसिक छति पहुँचती है। इसीलिए इसकी रोकथाम और जागरूकता फ़ैलाने के लिए हर साल देश भर में नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे के रूप में 7 नवम्बर को मनाया जाता है।

ये एक ऐसी बीमारी है जिसे सुनते ही लोग ख़ौफ़ से भर जाते है। ये बीमारी वही है जो ऋषि कपूर से लेकर मनोहर पर्रिकर तक और न जाने कितनी ही हस्तियों समेत हज़ारो-लाखों अपनों को हमसे छिन चूका है। हाल ही में संजय दत्त भी कैंसर के इस चक्रव्यू में फंसे थे, लेकिन अब वो पूरी तरह ठीक हो कर घर आ चुके है और KGF फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर चुके हैं। लेकिन ये बीमारी हर किसी को जीवन दान नहीं देती है। इसी साल इरफ़ान खान और ऋषि कपूर की मृत्यु हो गयी जो की कैंसर से काफी लम्बे समय से लड़ रहे थे।

एक सर्वे के मुताबिक हमारे देश में हर मिनट एक मृत्यु कैंसर के वजह से होती है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलु होते हैं, जितनी खौफनाक ये बीमारी है उतनी ही आसानी से इससे बचा जा सकता है। अमेरिका के नेशनल सेण्टर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) ने बताया है की मात्र 5-10% कैंसर के मामले जेनेटिक होते हैं। और ऐसे मामलों को कण्ट्रोल करना थोड़ा मुश्किल होता है।

और बाकी के 90-95% कैंसर के मामले अपने आस-पास के वातावरण,रहन-सहन और खान-पान पर निर्भर करता है। हमारी लाइफस्टाइल हमारे जीवन पर काफी प्रभावित करती है। सही लाइफस्टाइल सही जीवन शैली प्रदान करती है। सही लाइफस्टाइल होने के बाद अगर कोई भी बीमारी क्यों न हो उससे ठीक किया जा सकता है। कैंसर का अगर सही समय पर पता चल जाये तो उसपर फतह की जा सकती है। सोनाली बेंद्रे,युवराज सिंह,मनीषा कोइराला इसके अच्छे मिसाल है।

हमारे देश में लोगों को कैंसर का पता तब चलता है जब उसका इलाज करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से ज्यादातर लोगों को मौत उनके कैंसर का पता चलने के 1 साल के भीतर हो जाता है। लोग निराश हो जाते है और जीने की इच्छा धीरे धीरे छोड़ने लगते हैं जो की उनकी मौत का कारण बन जाता है। हमारे देश में दिल की बीमारी के बाद कैंसर लोगों के लिए सबसे बड़ा मौत का कारण बना हुआ है।

कैंसर के चक्रव्यू से कैसे बचे ?

सबसे पहले धूम्रपान और गुटखा-खैनी से बचे। कैंसर नियंत्रण के लिए खान-पान पर सही नियंत्रण का होना काफी आवश्यक है। मोटापा कैंसर का एक बड़ा कारण बताया गया है इसीलिए डॉक्टर मोटापे को कण्ट्रोल करने की हिदायत देते रहते है।

इसके साथ ही सही योग और सही व्यायाम का मेल होना भी उतना ही जरुरी है। संतुलित भोजन और संतुलित व्यायाम का होना बहुत आवश्यक है।

सूर्य की किरणों से बचना भी उतना ही जरुरी है क्यूकि सूर्य की किरणों से स्किन कैंसर का खतरा बनना रहता है। इसीलिए सनस्क्रीन का प्रयोग करे और शरीर को धक् कर रखे।

कैंसर के लक्षण :-

पेशाब में ख़ून आना
ख़ून की कमी की बीमारी एनीमिया
खांसी के दौरान ख़ून का आना
अचानक शरीर के किसी भाग से रक्त निकलना
स्तनों में गांठ
कुछ निगलने में दिक़्कत होना
मीनोपॉज के बाद भी ख़ून आना
भूख कम लगना
त्वचा में बदलाव महूसस होना
किसी अंग का अधिक उभरना या गांठ महसूस होना
प्रोस्टेट के परीक्षण के असामान्य परिणाम

डॉक्टर से जाँच करवाने के बाद इसके ट्रीटमेंट में कोई कमी न रखे। समय समय पर जाँच करवाते रहे और लाइफस्टाइल को नियंत्रित रखें।

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