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Happy Birthday Paresh Raval: नेता या अभिनेता, हर रोल में फिट हैं बाबू भैया

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बॉलीवुड के बाबु राव माने की अपने बाबू भैया का जन्मदिन है। अरे वही बाबू भैया जिन्हें परेश रावल कहते हैं ये थोड़ा उल्टा हो गया, भारत के जाने माने अभिनेता परेश रावल (Paresh Rawal) जिन्हें हम उनके एक किरदार ‘बाबू भैया’ के नाम से बुलाना ज्यादा पसन्द करते हैं। ये बाबू भैया भी बड़े कमाल हैं, कभी क्रांतिवीर में गड़ी को हाथों में ले कर कितने रुपये हैं ये बता देते हैं, कभी OMG ओह माय गॉड में भगवान को ही खिंच कर कोट ले जा खड़ा करते हैं। चलिए जानते हैं अजब-गज़ब बाबू भैया के जन्मदिन पर उन से जुड़ी कुछ बातें ।• परेश रावल का जन्म 30 मई 1955 को मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ था।

• पिछले 30 सालों से फिल्मों में एक्टिव परेश रावल अपनी एक्टिंग के साथ-साथ हिंदी और कुछ तेलगु फिल्मों में अपनी कॉमेडी के लिए भी जाने जाते हैं।

• एक एक्टर और कॉमेडियन के साथ-साथ वो एक फ़िल्म प्रोड्यूसर भी हैं और राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं।

वो साल 2014 से लेकर 2019 तक अहमदाबाद से सांसद थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीता था । राजनीति में उनकी पारी अच्छी रही लेकिन एक अभिनेता के रूप में उन्होंने खुद को हमेशा खरा साबित किया है।

• फिल्मों में कॉमेडी रोल से लेकर खुंखार खलनायक बनने तक हर किरदार में परेश ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने अपने अभिनय से साबित किया है कि वो एक वर्सटाइल अभिनेता हैं।

मुंबई में जन्में परेश रावल ने कभी सिविल इंजीनियर की नौकरी पाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था, लेकिन आज वो हिंदी सिनेमा के एक जानेमाना चेहरा हैं।

• रावल ने वैसे तो पर्दे पर कई तरह के दमदार किरदार निभाए हैं, लेकिन उनके कुछ किरदार जैसे हेरा फेरी सीरीज में बाबू राव, टेबल नम्बर 26 में मिस्टर खान, OMG में कांजीभाई, वेलकम में घुँघरू सेठ और संजू में सुनील दत्त के किरदार ने अपनी अलग ही छाप छोड़ी है।

• आवारा पागल दीवाना, हंगामा, मालामाल वीकली, गोलमाल, भूल भुलैया, आक्रोश जैसी तमाम फिल्मों में उन्होंने उम्दा अभिनय किया है।

परेश रावल के निभाए गए किरदारों में बाबू राव का किरदार कुछ ज्यादा ही चर्चित है। लोग आज भी बाबू राव के डायलॉग अपनी निजी जिंदगी में खूब इस्तेमाल करते हैं।

परेश रावल के फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत 1985 में अर्जुन नाम की फ़िल्म से हुई। इसमें उन्होंने एक सपोर्टिंग रोल प्ले किया था।

• 1986 में आई नाम ने उन्हें पहचान दिलाई। इस फिल्म के बाद लोग उनकी एक्टिंग के कायल होने लगे।

• उन्होंने अब तक 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। 90 के दशक में वो विलेन का किरदार ज्यादा निभाते थे।

2004 में उन्हें हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

1994 में उन्होंने बेस्ट सपोर्टिग रोल के लिए 2 नेशनल फिल्म अवार्ड जीते। इसके अलावा फिल्मफेयर, iffa जैसे कई अवार्ड्स उनकी झोली में हैं।