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कार्तिक मास की कृष्ण त्रियोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन हर घर में बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। जब घर के सारे लोग खा-पी लेते है तो इस दिन घर के द्वार पर दीपक जलाया जाता है। इस दिन को भगवान धनवंतरी और मृत्यु के देवता यमराज देव की पूजा की जाती है।

शास्त्रों के मुताबिक जब समुन्द्र मंथन हुआ और उसके दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी अपने हाथ में अमृत कलश ले कर प्रकट हुए थे। जाता है की भगवान धनवंतरि भगवान विष्णु के अंशवतार हैं। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार लिये थे। भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।

इस दिन घर की साफ सफाई की जाती है। और अपने समर्थ अनुसार चांदी या कोई भी तरह के धातु खरीदना शुभ माना जाता है। धन के देवता भगवन कुबेर की ओउजा करते हुए पूजा स्थल पर भगवन कुबेर की पूजा करे दीप जलाये और रात में घर के मुख्य द्वार पर भगवान यमराज के लिए दीपक जलाये।