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सावन की पूर्णिमा और रक्षाबंधन, ये है शुभ मुहूर्त

Raksha-Bandhan
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हिंदू पंचांग के हिसाब से इस वर्ष 25 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई थी। 22 अगस्त को सावन रक्षा बंधन के त्यौहार के साथ समाप्त हो रहा है। हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व होता है। ख़ासतौर पर धार्मिक दृष्टि से इस महीने को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित होता है। यूं तो सावन का हर दिन ही बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है पर इनमें भी कुछ दिनों का विशेष महत्व है। जैसे कि श्रावण मास की पूर्णिमा का।

श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि इस महीने की अंतिम तिथि होती है और इस दिन को बहुत शुभ माना जाता है। भारत के विभिन्न भागों में इस दिन को अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। उदाहरण के तौर पर पूर्व भारत में इस दिन रक्षा बंधन का त्यौहार मनाते हैं और दक्षिण भारत में इस दिन नरियाली पूर्णिमा मनाई जाती है। ऐसे ही अन्य जगहों पर इसे अन्य तरीकों से मनाया जाता है। लोग श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को विशेष पूजा करते हैं और कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं।
ऐसे तो हर महीने की पूर्णिमा तिथि बहुत खास होती है लेकिन श्रावण पूर्णिमा की बात ही अलग है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण के पूर्णिमा के दिन किए गए व्रत से आपको वर्ष भर के किए गए अन्य सभी व्रतों के समान फल मिलता है। इस दिन पूजा-पाठ करने से और भगवान शिव तथा चंद्र देव की आराधना करने से व्यक्ति को चंद्र दोष से राहत मिलती है।जा


श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि

इस वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त यानी शनिवार को संध्या 07 बजकर 02 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन अगले दिन 22 अगस्त को संध्या 05 बजकर 33 मिनट पर होगा। इस दिन रक्षा बंधन एवं अन्य जगहों पर अन्य त्यौहार मनाए जाएंगे। 22 अगस्त को ही व्रती अपना व्रत रखेंगे।

श्रावणी पूर्णिमा और रक्षा बंधन

जैसा कि आपने जाना, भारत के विभिन्न क्षेत्रों में श्रावण मास की पूर्णिमा अलग-अलग रूप में मनाई जाती है। लेकिन मुख्य तौर पर इस दिन को रक्षा बंधन के रूप में मनाया जाता है। रक्षा बंधन का त्यौहार मुख्यतः भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित होता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र और राखी बांधती हैं और उनका तिलक कर उनकी आरती उतारती हैं। इसके पश्चात भाई अपनी बहनों को ये वचन देते हैं कि वे जीवन भर उनकी रक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे अपनी बहन उपहार भी देते हैं।