फुल वॉल्यूम कॉर्नर बिहारनामा

‘PMCH UPDATE’ : PMCH ने दुनिया में बनाई ये खास पहचान

PMCH-Dream-Project
Spread It

बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल PMCH अब आपको और भी बड़ा देखने को मिलेगा। क्यूंकि राजधानी पटना का यह अस्पताल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनने जा रहा है। जिसका बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इसी साल फरवरी में PMCH के विस्तार का शिलान्यास किया था। जिसका काम खुद मुख्यमंत्री के निगरानी में हो रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी साल फरवरी महीने में Patna Medical College and Hospital यानी PMCH के पुनर्विकास का शिलान्‍यास किया था। और उस वक़्त मुख्यमंत्री ने निर्माण से जुड़े अधिकारीयों को 7 सालों के इस प्रोजेक्ट को 5 सालों में complete करने को कहा था। PMCH का विस्तार कर इसे देश का सबसे बड़ा वर्ल्ड क्लास और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनाने का निर्माण चल रहा है।

आपको बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल ताइवान (Taiwan) का चांग गंग मेमोरियल हॉस्पीटल (Chang Gung Memorial Hospital) है। इस अस्पताल की स्थापना 1978 में कई Medical Specialities पर ध्यान केंद्रित करते हुए की गई थी। इस अस्पताल में कुल 10,050 Beds हैं। और हर साल औसतन 8.2 मिलियन बाहरी पेशेंट विज़िट करते हैं। हर साल औसतन 167,460 सर्जिकल मरीज मिलते हैं।

5540 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे बिहार में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल में 5462 बेड होंगे। PMCH में अभी कोविड वार्ड को मिलाकर लगभग 1800 बेड की क्षमता है। अगले सात साल में PMCH में 5462 बेड का अस्पताल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस निर्माण से जुड़े कुछ नए Updates सामने आये हैं। Update में बताया गया है कि इस अस्पताल को तीन फेज में तैयार किया जायेगा।

पहले फेज में 2073 बेड़ों का अस्पताल आने वाले 3 साल यानी 2024 तक तैयार किया जायेगा। जो कि 7 मंजिला होगी। इसके बाद दूसरे और तीसरे फेज में अन्य विभाग बनाये जायेंगे। जहाँ एक ही छत के नीचे मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग हॉस्टल, डॉक्टर चैंबर, क्लास रूम, सभी तरह की जांच, पैथोलॉजी सुविधाएं, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड से लेकर MRI, ब्लड बैंक जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।

बन रहे नए भवन में कुल 36 सुपर स्पेशियलिटी भवन काम करेंगे। अभी PMCH में इनकी संख्या 8 है। 1925 में स्थापित PMCH देश के सबसे पुराने अस्पतालों में से एक है। साथ हीं यह भारत का सबसे पुराना कैंसर संस्थान भी है। बन रहे नए भवन में पूरा भवन automatic fire fighting system, medical gas pipeline, power sub station, underground sewerage system, waste disposal system जैसे सुविधाओं से लैस होगा। इसके साथ ही लगभग पांच हजार वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी। Principal Dr. BP Choudhary ने बताया कि BMSICL (Bihar Medical Services and Infrastructure Corporation Limited) की देखरेख में LNT को इसके निर्माण का जिम्मासौंपा गया है। कंपनी ने पहला फेज जनवरी 2024 में सौपने की बात कही है।

PMCH के नए भवन बनने के साथ ही यहां मरीजों को इलाज की कई नई सुविधाएं मिलेंगी। यहां कुल 28 नए विभाग खुलेंगे, जिनमें कई ऐसे विभाग हैं जो वर्तमान में PMCH में कार्यरत नहीं हैं। इसमें Organ Transplant (अंग प्रत्यारोपण), Minimal Invasive Surgery (मिनिमल इन्वैसिव सर्जरी), Transfusion Medicine (ट्रांस्फ्यूजन मेडिसीन), Geriatric (जेरियाट्रिक), General ICU (जनरल आईसीयू ) का अलग से 265 बेड आदि शामिल हैं।

पहली बार यहां किडनी, लिवर आदि अंगों का Transplant शुरू हो जाएगा। यह सुविधा पहले फेज के निर्माण के बाद से ही मिलने लगेगी। इस इकाई में 55 बेड होंगे। इसके अलावा 60 साल से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के लिए अलग से एक विभाग जेरियाट्रिक (Geriatric) खुल रहा है। इसमें बुजुर्ग नागरिकों के लिए अलग से इलाज की व्यवस्था होगी। इसमें कुल 72 बेड होंगे। मिनिमल इन्वैसिव सर्जरी एक तरह से लैप्रोस्कोपिक (Laparoscopic) और अन्य आधुनिक सर्जरी विभाग होगा, जहां गॉल ब्लाडर (Gall Bladder), हॉर्निया (Hornia), हाइड्रोसिल (hydrocele), किडनी स्टोन (Kidney Stone) जैसी सर्जरी बिना चीड़-फाड़ के दूरबीन विधि यानी telescopic method से की जा सकेगी।

ट्रांसफ्यूजन मेडिसीन (Transfusion Medicine) विभाग एक तरह से ब्लड बैंक और खून चढ़ाने की इकाई होगी, जहां ना सिर्फ खून चढ़ाने की बल्कि नए शोध जैसे काम किये जायेंगे। इसमें अलग जनरल ICU भी होगा, जिसमें बेड की क्षमता 265 होगी। यह 11 विभागों के 939 ICU बेड के अलावा होगा। यही नहीं पहले फेज का निर्माण पूरा होने के बाद से ही 200 की जगह MBBS की 250 सीटों पर नामांकन की सुविधा शुरू हो जाएगी।

बिहार के लोगों को जहां बेहतर अस्पताल की सुविधाओं के लिए राज्य से बहार जाना पड़ता है लेकिन राजधानी में बन रहे इस वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल के बाद किसी भी बीमारी के लिए राज्य के लोगों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑरगैन ट्रांसप्लांट से लेकर हर तरह की सुविधा अब राज्य में उपलब्ध रहेगी। और इसके साथ ही इसके बनने के बाद देश के दूसरे राज्यों से मरीजों का रुख बिहार की राजधानी की और होगा।