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‘National Teacher’s Award 2021’ : ये 2 टीचर्स बढ़ाएंगे बिहार का मान

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने साल 2021 के लिए नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher’s Award 2021) की घोषणा कर दी है। इस साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) पर 44 शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा, इन शिक्षकों की सूचि में बिहार के दो शिक्षकों का भी नाम शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2021 के लिए देश भर से चयनित शिक्षकों की सूची जारी की है, जिसमें बिहार के शिक्षक हरिदास शर्मा (Haridas Sharma) और शिक्षिका चंदना दत्त (Chandana Dutt) का नाम शामिल है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2021 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 जून 2021 को शुरू हुई थी। रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तारीख 10 जुलाई 2021 थी। जिसके बाद शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय चयन समिति और केंद्रीय पुरस्कार समिति द्वारा किया गया। बिहार से कुल 74 शिक्षकों के नाम इस पुरस्कार के लिए आए थे। जिसमें से 6 शिक्षकों के नाम केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया। जिनमें से ये दो शिक्षक सम्मानित होंगे।

मधुबनी के राजनगर स्थित राजकीय माध्यमिक पाठशाला (रांटी) की शिक्षिका चंदना दत्त और कैमूर जिले के रामगढ़ स्थित आर के मिडिल स्कूल (डरहक) के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक हरिदास शर्मा हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अहम और उत्कृष्ट योगदान देने वाले इन दोनों शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जायेगा।

अंग्रेजी और मैथिली की शिक्षिका चंदना ने इस सम्मान को ले कर बताया कि वे अपने परिवार वालों और ससुराल वालों की आभारी हैं, जिन्होंने हर समय उनका साथ दिया। चंदना दत्त की कोशिशों का ही नतीजा है कि ग्रामीण, जो कभी गरीबी और अशिक्षा के कारण अपनी बेटियों को शिक्षित करने के लिए अनिच्छुक थे, लेकिन चांदना की कोशिशों के कारण वही ग्रामीण धीरे-धीरे उन्हें सरकारी माध्यमिक विद्यालय में भेजने लगे। चांदना ने बताया कि उन्होंने 2006 में ग्रामीणों को प्रोत्साहित करना शुरू किया और अंत में उनकी मेहनत रंग लाई। वर्तमान में उनके स्कूल में नामांकित 900 छात्रों में से 60% लड़कियां और 40% लड़के हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल को भी 2020 में मिडिल से हाई स्कूल में अपग्रेड कर दिया गया।

वहीं दूसरी ओर, हरिदास शर्मा ने आरके मिडिल स्कूल की इमारत को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए लॉकडाउन के दौरान स्कूल की सभी दीवारों को रंगीन आरेखों, चंद्र और सूर्य ग्रहणों, संख्याओं और अक्षरों से रंग दिया। हरिदास ने बताया कि, “चूंकि चित्रों का बच्चों के दिमाग पर शब्दों की तुलना में अधिक प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्होंने दीवारों को रंगने का फैसला किया। उन्होंने स्कूल परिसर के एक छोटे से बगीचे में QR कोड के साथ पौधे और जड़ी-बूटियां भी लगाईं, ताकि बच्चे अपने smart phone पर पौधों के उपयोग और वैज्ञानिक नामों सहित सभी जानकारी प्राप्त कर सकें।”

इसके साथ ही हरिदास ने सभी कक्षाओं में QR कोड लगाए गए हैं, जिनका नाम बी आर अंबेडकर, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, स्वामी विवेकानंद और अरुणी के नाम पर रखा गया है। जैसे ही छात्र इन कोड को अपने smart phone से स्कैन करते हैं, उन्हें इन व्यक्तियों के बारे में सब कुछ पता चल जाता है। हरिदास ने ये भी बताया कि, “उनके पास दो समुदाय-आधारित स्मार्ट कक्षाएं भी हैं, जो उनके बच्चों को बेहतर शिक्षण अनुभव प्रदान करती हैं।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खुद Teacher’s Day के अवसर पर इन्हें नेशनल टीचर अवार्ड से सम्मानित करेंगे। प्रत्येक सम्मानित शिक्षकों को एक पदक, एक प्रमाण पत्र और 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। आपको बता दें कि देश भर से 44 शिक्षकों का चयन हुआ है, जिन्हें राष्ट्रपति सम्मानित करने वाले हैं। चयनित शिक्षकों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, गुजरात और राजस्थान के शिक्षक शामिल हैं। बिहार से कुल 74 teachers के नाम इस पुरस्कार के लिए आए थे। जिसमें से 6 teachers के नाम केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया। जिनमें से ये दो शिक्षक सम्मानित होंगे।

शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देने का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाना है। ये पुरस्कार उन शिक्षकों को भी सम्मानित करते हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है और अपने छात्रों के जीवन को समृद्ध किया है।