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Science City Patna Update : जानिए कितनी तेजी से हो रहा है ‘Dr. A P J Abdul Kalam Science City’ का काम

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जब हम बिहार की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में ऐसे कई सारे नाम घूमने लगते हैं जिन्होंने बिहार के हो कर पूरी दुनिया में बिहार का नाम रौशन किया है। Kunwar Singh, राजेंद्र प्रसाद, Anugrah Narayan Sinha, Jayaprakash Narayan और ना जाने कितने ही। लेकिन इन सबके पहले के नामों की बात करें तो हम महान गणितज्ञ को कैसे भूल सकते हैं। जिसने पूरी दुनिया को शून्य से पहचान करवाया था। जी हां अपने सही पहचाना मैं बात कर रही हूँ महान गणितज्ञ आर्यभट की। और इसी महान गणितज्ञ की जन्म भूमि पर देश के महान साइंटिस्ट Dr. APJ Abdul Kalam के सम्मान में साइंस सिटी का निर्माण हो रहा है। आज से कुछ महीनों पहले हमने आपको इस साइंस सिटी से जुड़ी कई सारी जानकारियां दी थी और अब इसी के निर्माण से जुड़े updates के साथ मैं मौजूद हूँ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का काम लगभग 60 फीसदी सिविल वर्क अब पूरा कर लिया गया है।

मिसाइल मैन Dr. A.P.J. Abdul Kalam को सम्मान देने लिए बिहार सरकार ने Dr. A.P.J. Abdul Kalam Science City के निर्माण की घोषणा की थी। कलकत्ता के साइंस सिटी के तर्ज पर बन रहे पटना का Dr. A.P.J. Abdul Kalam Science City को साल 2022 में पूरा करना है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी परियोजना की परिकल्पना 2012 में हुई थी और साल 2019 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने इस साइंस सिटी की नींव रखी थी। साल 2018 में इस साइंस सिटी का डिज़ाइन फाइनल किया गया था। और उस वक़्त 397 करोड़ की लागत से इस साइंस सिटी में 4 गैलरी बनने वाले थे। लेकिन अब इसके अपडेट सामने आये हैं जिसमें अब ये साफ़ कर दिया गया है कि इस साइंस सिटी में 4 से ज्यादा गैलरी बनने वाली है। और डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी के  सिविल वर्क का काम लगभग 60 फीसदीअब पूरा कर लिया गया है।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण पटना में स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पास 22 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इसमें 5 गैलरीयां बनने वाली है। जिनमें पहला है – बी अ साइंटिस्ट, दूसरा है – बेसिक साइंस, तीसरा है – ससटेनेबल प्लेनेट, चौथा है – स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी और आखरी में पांचवा है – बॉडी एंड माइंड। इस साइंस सिटी में आर्यभट्ट से लेकर कलाम तक का विजन देखने को मिलेगा। यहां छात्र आकर विज्ञान से जुड़े प्रयोग भी कर सकेंगे। यहाँ विज्ञान से संबंधित तरह तरह के विजन और तरह-तरह की सुविधाऐं उपलब्ध होंगी।

इसके साथ ही ऑब्जर्ब भाग में तीन प्रदर्शनीय वस्तुऐं होंगी, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी, जो है –
– हारमोनिक स्ट्रिंग्स
– 3 डी जोयट्रोप

– रिपल टैंक

इस प्रदर्शनी के बाद उत्सुक विजिटर्स इसके दूसरे भागों में जाएंगे, जहां वे कुछ एक्सपेरिमेंट्स कर सकते हैं। यहां प्रदर्शनीय वस्तु में – स्टैंडिंग वेव्स, लेविटेटिंग वॉटर, वॉटर वेव्स प्रमुख हैं।

भवन निर्माण विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलम साइंस सिटी का भवन अप्रैल, 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगा। 22 एकड़ में लगभग 540 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस भवन में 5 गैलरी की डिजाइन दिसंबर तक बन कर तैयार हो जाएगी। जिसमें से पहली गैलरी का डिज़ाइन अब लगभग पूरा हो चूका है। जैसा की हमने आपको पहले भी बताया था कि इस साइंस सिटी में बाहर से आये बच्चों के रहने की भी व्यवस्था होगी। और अब ये अपडेट सामने आया है कि इस साइंस सिटी के पहले फ्लोर पर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। यह उन स्कूली बच्चों के लिए होगा जो साइंस सिटी घूमने आएंगे। इस छात्रावास की कैपेसिटी 250 बच्चों की होगी।

इस साइंस सिटी में एक्सपेरिमेंट के दौरान विजिटर्स के मन में वैज्ञानिक चेतना जागेगी और वे साइंस को और बेहतर ढंग से समझने की कोशिश करेंगे। आगे बढ़ते हुए इन विजिटर्स को मोटिवेट किया जाएगा। इसके साथ साथ वे महान साइंटिस्टस के जीवनी के कार्य को एक इंट्रैक्टिव प्लेटफार्म की मदद से देखेंगे और समझेंगे। इसके साथ ही लोगों के बीच सल्फी के ट्रेंड का भी ध्यान रखा गया है। गैलरी के आखिरी में लोगों को एक चुने गए वैज्ञानिक के साथ सेल्फी भी लेने का मौका मिलेगा। गैलरी लगभग 4400 स्कावयर फीट एरिया तक में फैली हुई है। हर गैलरी की उंचाई 20 फीट है।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी बनने से राजधानी पटना के इतिहास और विकास में एक और नया आयाम जुड़ने जा रहा है। साइंस सिटी देश-विदेश के विज्ञान प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित तो करेगा ही साथ ही यह बच्चों के लिए भी काफी ज्ञानवर्धक साबित होगा। बिहार के बच्चों को विज्ञान के प्रति जागरूक और एक नए रूप में परिभाषित करने के वाला एक ऐसा संस्थान होगा, जहां वृहद पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।