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महत्वपूर्ण बिंदु के साथ जानें बिहार की नई पाबंदियां और सुविधाएं

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बिहार में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने लॉकडाउन तो नहीं लगाया लेकिन कई पाबंदियां लगा दी हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ आज हुई अहम बैठक में इसका फैसला लिया गया।

आज से रहेंगी ये पाबंदियां और महत्वपूर्ण बातें :-

  • दुकानें शाम 6 की बजाए 4 बजे बंद हो जाएंगी
  • रात्रि कर्फ्यू अब शाम 6 बजे से सुबह के 6 बजे तक रहेगा (पहले रात 9 से सुबह 6 बजे तक था)
  • विवाह समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 व्यक्ति तक शामिल हो सकते हैं (विवाद समारोह के लिए रात्रि कफ्र्यू 10 बजे से प्रभावी होगा)
    विवाह समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा
  • जिला प्रशासन क्षेत्रवार दुकानों को खोलने का आदेश दे सकता है
  • सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय 25 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करेंगे (आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालयों को छोड़कर)
  • सरकारी और गैर सरकारी सभी कार्यालय शाम 4 बजे बंद हो जाएंगे
  • जिला प्रशासन तय करेगा कंटेनमेंट जोन, यहां इन प्रतिबंधों के अलावा सब्जी, फल, मांस, मछली, किराना एवं दवा दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों को बंद करने के लिए सक्षम होंगे
  • शादी समारोह के लिए कर्फ्यू में राहत देते हुए शाम 6 बजे के बदले 10 बजे से प्रभावी किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि शादी समारोह में डीजे बजाने की पूर्णतः मनाही रहेगी। ऐसा करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
  • कोरोना संक्रमितों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार सरकारी खर्चे पर किया जाएगा। इसके साथ ही, कोविड निगेटिव लेकिन लक्षणों वाले मृत मरीजों का भी अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर होगा।
  • कोरोना से बचाव के लिए माइकिंग से प्रचार के दौरान आमलोगों को उस क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या की भी जानकारी दी जाएगी। लोगों को बताया जाएगा कि वे कोरोना से बचाव करें और उस इलाके में इतने व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
  • भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार कंटेन्मेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन कंटेन्मेंट जोन के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन कार्य करेगा।
  • राज्य में एंबुलेंस की व्यवस्था किराए पर लेकर की जाएगी। ताकि मरीजों को परेशानी नही हो।

राज्य में डॉक्टरों और पारा मेडिकल्स, नर्सेज, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों की जरूरत के हिसाब से एक वर्ष के लिए बहाली संविदा के आधार पर की जाएगी। इन्हें एक वर्ष के कार्य अनुभव का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। डॉक्टरों में एलोपैथिक, आयुष और डेंटल डॉक्टरों को भी शामिल किया जाएगा।

सरकार का यह आदेश 29 अप्रैल से प्रभावी होगा, जो 15 मई तक लागू होगा। इसके लिए नगर विकास विभाग और ग्रामीण विकास के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगरीय क्षेत्र में नगर विकास के पदाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ इसके लिए प्रबंध करेंगे।