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Pataliputra Bus Terminal Update : शहर से गायब होंगे बस स्टैंड

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अगले महीने की 15 तारीख से मीठापुर बस स्टैंड से बसों का परिचालन बंद कर दिया जाएगा और मीठापुर बस स्टैंड को बैरिया स्थित पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। क्योंकि मीठापुर बस स्टैंड के 8 एकड़ जमीन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम यूनिवर्सिटी यानी पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी का स्थाई भवन बनेगा।

3 साल पहले पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी लेकिन इन 3 सालों में इस यूनिवर्सिटी को अपना खुद का स्थाई इमारत नहीं मिल पाया। लेकिन अब यूनिवर्सिटी का स्थाई इमारत होने का सपना पूरा होने जा रहा है इसीलिए मीठापुर बस स्टैंड को शिफ्ट किया जा रहा है।

अब जब बस स्टैंड के स्थान पर यूनिवर्सिटी की इमारत बनाया जाएगा तो बस स्टैंड को पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (Pataliputra Bus Terminal Update) में शिफ्ट कर दिया जाएगा। और इसके बाद 15 एकड़ जमीन पर बैरिया स्थित पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का विस्तार किया जाएगा।

कैसा दिखेगा पटना का अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल।

15 एकड़ जमीन पर बैरिया स्थित पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का विस्तार किया जाएगा। टर्मिनल के विस्तार के लिए टर्मिनल की दक्षिण जमीन को चिह्नित किया गया है। जिला प्रशासन ने जमीन की प्रकृति सहित अन्य विस्तृत जानकारी के साथ नगर विकास विभाग को रिपोर्ट दी है। विभाग से राशि मिलने के बाद जमीन का अधिग्रहण कार्य किया जाएगा। साथ ही आपको यह भी बता दें की आईएसबीटी का विस्तार होने के बाद बांकीपुर बस स्टैंड को भी यहीं शिफ्ट कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही 10 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की योजना भविष्य में बढ़ने वाली बसों को लेकर बनाई गई है। हालांकि इसे पूरा होने में अभी वक्त लगेगा। दोनों बड़े बस अड्डों को शहर के बाहर बैरिया में शिफ्ट होने से पटना शहर को जाम से मुक्ति दिलाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। पर वर्तमान समय में बांकीपुर बस स्टैंड को शिफ्ट करना संभव नहीं है।

आपको बता दें नए बस टर्मिनल से फिलहाल जहानाबाद और गया के लिए बसों का परिचालन हो रहा है। 15 जून से नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जमुई जिले की बसों का परिचालन होगा। शेष जिलों और दूसरे राज्यों की बसों का परिचालन मीठापुर बस स्टैंड के शिफ्ट होने के बाद यानि 15 जुलाई से होगा।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, आईएसबीटी के लिए कुल 25 एकड़ जमीन के अधिग्रहण करने की योजना बनाई गई है। जिसमें पहले चरण में 15 एकड़ जमीन शामिल है और वही दूसरे चरण में 10 एकड़ जमीन। प्रशासन द्वारा चिह्नित 15 एकड़ जमीन बादशाही पईन के उत्तर और आईएसबीटी के दक्षिण में है। शेष 10 एकड़ जमीन बादशाही पईन के दक्षिण तरफ है।

फिलहाल अभी आईएसबीटी 25 एकड़ पर बना है। इसमें 10 एकड़ जमीन पर भवनों का निर्माण हुआ है। 9 एकड़ जमीन बसों की पार्किंग के लिए है और 7 एकड़ जमीन में बसों को आने-जाने के लिए रोड और शेष जमीन ग्रीनफिल्ड के रूप में विकसित किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, मीठापुर बस स्टैंड की जमीन 8 एकड़ है। जबकि, टर्मिनल में पार्किंग की जमीन 9 एकड़ है। इस कारण शिफ्टिंग के बाद जगह की कोई समस्या नहीं होगी।

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने मीठापुर बस स्टैंड को पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया में शिफ्ट करते हुए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल को पूर्ण रूप से संचालित करने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें कई दिशा निर्देश जारी किए गए। साथ ही उन्होंने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि बैरिया बस स्टैंड तक आने जाने में दिक्कत न हो इसे देखते हुए जीरो माइल से बस स्टैंड तक पथ का चौड़ीकरण करने का काम 15 जुलाई से पूर्व कर लें और बस टर्मिनल के निकट पुलिया का निर्माण 20 जून तक कर लें।

बिहार में जिस तरह से अंधाधुन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है उसे देखकर लगता है कि आने वाले कुछ सालों में बिहार अपनी पिछड़ी छवि को छोड़ आधुनिक बिहार की छवि लिए खड़ा होगा।