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Bihar Panchayat Election : बिहार पंचायत चुनाव की गाइडलाइन्स जारी, जानें नियम और शर्तें

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बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Elections 2021) कराए जाने की घोषणा के बाद से ग्रामीण इलाकों में सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया से लेकर प्रचार प्रसार तक नियमों की जानकारी लेने के लिये सभी लगे हुए हैं. प्रशासन भी आने वाले चुनाव को लेकर सभी तरह की तैयारियों में जुटा है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से पंचायत चुनाव कराने को लेकर गाइडलाइन (Bihar Panchayat Election Guidelines) जारी कर दी गयी है।

गाइडलाइन

  • गाइडलाइन में स्पष्ट बताया गया है कि आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए सक्षम पदाधिकारी के द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। नाम निर्देशन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र का संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  • मुखिया, सरपंच व पंचायत समिति पद के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के लिए एक-एक हजार रूपया शुल्क लगेगा।
  • जिला परिषद पद के लिए नामनिर्देशन शुल्क दो हजार रूपया देना होगा।
  • ग्राम कचहरी के पंच व ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य के लिए 250-250 रूपया शुल्क लगेगा।
  • महिला, अनुसूचित जाति जनजाति व पिछड़े वर्ग के लिए सभी पदों पर नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए निर्धारित शुल्क की आधी राशि देनी होगी।
  • आरक्षित कोटि के उम्मीदवार को मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए पांच सौ रूपया, जिला परिषद के लिए एक हजार रूपया तथा ग्राम कचहरी के पंच व ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य के लिए 125 रूपया शुल्क के रूप में देना होगा।
  • नाम निर्देशन पत्र अभ्यर्थी के द्वारा स्वयं निर्वाची पदाधिकारी या सहायक निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना है। किसी भी हालत में डाक या प्रस्तावक या किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा दाखिल नहीं किया जाएगा।
  • किसी पद विशेष के लिए कोई भी व्यक्ति एक से अधिक अभ्यर्थी का प्रस्तावक नहीं बनेगा। कोई व्यक्ति जो स्वयं किसी निर्वाचन क्षेत्र का व्यक्ति है उस निर्वाचन क्षेत्र के किसी अन्य व्यक्ति का प्रस्तावक नहीं होगा।
  • अनारक्षित पद पर आरक्षित कोटि का कोई भी अभ्यर्थी चुनाव लड़ सकता है। अभ्यर्थी को नामांकन पत्र दाखिल करने के समय नियम 40 के अनुसार नामांकन शुल्क देना होगा। नामांकन शुल्क की निर्धारित राशि को कोषागार चालान या नगद राशि जमा कर नाजिर रसीद लगाना होगा। नामनिर्देशन शुल्क किसी भी दशा में वापस नहीं किया जाएगा।
  • जिला परिषद के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नाम निर्देशन पत्र अनुमंडल कार्यालय में दाखिल किया जाएगा।
  • ग्राम कचहरी, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति सदस्य व प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नाम निर्देशन पत्र प्रखंड कार्यालय में दाखिल किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव में प्रचार-प्रसार धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद गुरुद्वारा से नहीं किया जा सकेगा। अगर किसी की भावना आहत करने वाली बात प्रकट होगी तो संबंधित उम्मीदवार हर हाल में अयोग्य घोषित किए जाएंगे, इसके अलावा प्रचार-प्रसार में सार्वजनिक स्थलों का उपयोग कोई भी अभ्यर्थी नहीं कर सकेगा।

किसी उम्मीदवार के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर किसी तरह की टिप्पणी कोई उम्मीदवार नहीं कर सकता है। ना ही जातिगत या फिर धार्मिक भावना को ठेस करने वाला बयान देगा। ऐसा करने वाले अभ्यर्थियों और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तय है।

पंचायत चुनाव में पोस्टर बैनर लगाने की छूट तो दी गई है, लेकिन इसके लिए कई मांगों को पूरा करना भी अनिवार्य होगा। पोस्टर बैनर बनवाने से पहले जिला निर्वाचन पदाधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा। अगर जिले के बाहर या दूसरे राज्य में पोस्टर या बैनर कोई उम्मीदवार बनाता है तो उन्हें राज्य निर्वाचन आयोग से इसकी अनुमति लेनी होगी, जहां पोस्टर बैनर जिले के अंदर अगर कोई उम्मीदवार बनवा रहा है तो प्रिंटिंग प्रेस का नाम और उस पर खर्च का विवरण देने के साथ ही संख्या भी अंकित करना जरूरी होगा।