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बिहार सरकार ने पिछले दिनों लगाई इन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अपनी मुहर

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बिहार सरकार ने पिछले दिनों किन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई: –

पहले प्रस्ताव की बात करें तो पूरे देश भर में कोरोना से हो रहे मौतों का आंकड़ा अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन इन आंकड़ों में उन बच्चों के माता-पिता भी हैं जिसे कोरोना ने अनाथ बना दिया। ऐसे में इन बच्चों के नाथ बनकर सामने आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने राज्य भर के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता का या दोनों में से किसी एक का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया है उन्हें बिहार सरकार ‘बाल सहायता योजना’ के अंतर्गत बच्चों के 18 वर्ष की आयु होने तक हर महीने ₹1500 देगी। साथ जिन अनाथ बच्चों के अभिभावक नहीं है उनकी देख रेख बाल गृह में की जाएगी। और ऐसी अनाथ बच्चियों का कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्राथमिकता पर नामांकन करवाया जाएगा।

अब बात दूसरे प्रस्ताव की करते हैं। पिछले दिनों ‘यास’ तूफान ने उड़ीसा बंगाल सहित बिहार में तबाही मचा रखा था। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तूफान से मरे लोगों पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने का निर्देश दिया। हालांकि इन पैसों से परिजनों के घरवाले वापस तो नहीं आ पाएंगे लेकिन परिजनों को इस राशि से सहायता मिलेगी।

तीसरे प्रस्ताव की बात करें तो यह बिहार सरकार के परिवहन विभाग से निकलकर सामने आ रही है। और इस प्रस्ताव को बिहार सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। सड़क दुर्घटना में अक्सर हम यह देखते हैं कि लोग घायलों को अस्पताल लेकर इसलिए नहीं जाते क्योंकि उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर नहीं लगाना होते हैं। लेकिन अब बिहार के परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को बिहार सरकार द्वारा इनाम दिया जाएगा और उन्हें इनाम के तौर पर ₹5000 दिए जाएंगे। साथ ही उस व्यक्ति को बार-बार पुलिस स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे क्योंकि पुलिस अब उस व्यक्ति से एक बार ही पूछताछ कर पाएगी। एक आंकड़े के मुताबिक राज्य में सड़क दुर्घटना में 2014 से 2020 तक 42000 मौतें हो चुकी है और 45000 लोग घायल हो चुके हैं। मौतों की संख्या कम हो सकती थी अगर उन्हें समय रहते अस्पताल ले जाया गया रहता। बिहार सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से सड़क दुर्घटना से हो रहे मौतों के आंकड़ों में कमी आएगी।

चौथा प्रस्ताव उन लोगों के लिए है जिन्हें समाज अनदेखा कर देता है,ट्रांसजेंडर- कोरोना से जहां पूरा देश त्राहि-त्राहि कर रहा है वही देश भर में ट्रांसजेंडर समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है ऐसे में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने प्रत्येक ट्रांसजेंडर को ₹1500 का निर्वाह भत्ता देने का फैसला लिया है, इस वित्तीय सहायता से राज्य के 40000 ट्रांसजेंडर समुदाय को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। अगर आप ट्रांसजेंडर हैं और बिहार में रहते हैं तो दिए गए लिंक पर जाकर निर्वाह भत्ता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

निर्वाह भत्ता:- https://forms.gle/H3BcREPCy3nG6TpH7