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Bihar State Hydroelectric Power Corporation : बिजली के क्षेत्र में अब और आत्मनिर्भर होगा बिहार, इस परियोजना पर हुआ समझौता

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बिजली आज हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है। बिजली ऊर्जा का एक शक्तिशाली स्त्रोत होता है जिसका प्रयोग अनेक कामों को करने के लिए किया जाता है। बिहार अब बिजली के मामले में और सशक्त होगा। दरअसल, 130.1 मेगावाट डगमारा जलविद्युत परियोजना ( Dagmara HE Project) के इम्प्लीमेंटेशन के लिए NHPC Limited और Bihar State Hydroelectric Power Corporation Limited (BSHPC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। कोसी नदी के तटबंध पर इस परियोजना की शुरुआत होगी। कोसी नदी के बाएं एवं दाएं दोनों और एक-एक हाउस बनाया जायेगा, जिसकी क्षमता 130.1 मेगावाट की होगी। इस परियोजना का कार्य NHPC के द्वारा किया जायेगा। यह परियोजना लगभग 25 हजार करोड़ रूपये की लागत से तैयार होगा।

वर्तमान में, NHPC के पास 24 परिचालित पॉवर स्टेशन हैं, जिनकी टोटल इंस्टॉल्ड क्षमता 7,071 मेगावाट है। यह परियोजना राज्य में ऑल-राउंड प्रगति और विकास लाएगी। यह परियोजना स्वच्छ और हरित बिजली पैदा करने के अलावा, यह एक्सेक्यूशन एरिया में सामाजिक-आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

130.1 मेगावाट की दगमारा जलविद्युत परियोजना, बिहार की सबसे बड़ी हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट है। हाइड्रोपॉवर, क्लाइमेट चेंज की पृष्ठभूमि में और भविष्य की पीढ़ी के लिए फॉसिल से नॉन-फॉसिल फ्यूल में बदलाव की पृष्ठभूमि में बहुत महत्वपूर्ण है। Dagmara HE जहां तक ​​ग्रीन पावर का संबंध है, बिहार के पॉवर सेक्टर के परिदृश्य में एक ऐतिहासिक परियोजना होगी। यह परियोजना पूर्ण होने के बाद बिजली उत्पादन का 22 प्रतिशत बिजली नेपाल को दिया जायेगा।