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दो दशक बाद टॉप पर पहुँचा Bihar, हर 12वां IAS officer है बिहारी

UPSC
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा यानी CSE 2020 का अंतिम परिणाम 24 सितंबर को घोषित कर दिया है। इस सिविल सेवा परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार पास हुए हैं। इस बार बिहार से अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है। बिहार के कटिहार जिला के रहने वाले शुभम कुमार (Shubham Kumar) ने यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में टॉप किया है। शुभम कुमार के अलावा बिहार के अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है।

आपको बता दें बिहार के लिए UPSC में टॉप पोजीशन दो दशक बाद आई है। हालांकि यूपीएससी के रिजल्ट में बिहार का दबदबा हमेशा से रहा है। पिछले 20 वर्षों में आईएएस कैडर (IAS Cadre) में कुल 3679 अधिकारियों ने ज्वाइन किया है, जिसमें 222 बिहारी हैं। यानि इस अंतराल में हर 17वां आईएएस बिहारी है। जबकि ओवरऑल 5205 आईएएस अधिकारियों में 422 बिहार से हैंयानि हर 12वां आईएएस बिहार से है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का रिजल्ट 24 सितंबर को जारी हुआ। बिहार में कटिहार के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया में पहला रैंक प्राप्त किया है। पिछले 34 सालों में यह चौथा मौका है, जब यूपीएससी की टॉप रैंक पर बिहार के अभ्यर्थी ने जगह बनाई है। 1987 में आमिर सुबहानी यूपीएससी में टॉपर बने थे। आमिर सुबहानी अभी बिहार के विकास आयुक्त हैं। आमिर सुबहानी के बाद 1997 में संयुक्त बिहार के सुनील वर्णवाल यूपीएससी में टॉपर बने थे। झारखंड कैडर के आईएएस सुनील वर्णवाल झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सरकार में मुख्य सचिव रहे हैं और अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके बाद 2001 में बिहार के आलोक झा ने भी यूपीएससी में टॉप किया था। आलोक झा अभी भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में कार्यरत हैं।

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