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Telangana Formation Day : भारत के 29वें राज्य का हुआ गठन,जानिए तेलंगाना का मतलब

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तेलुगू के अंगाना शब्द से बने ‘तेलंगाना’ शब्द का मतलब ऐसी जगह जहां तेलुगू बोली जाती है।


आज Telangana Formation Day है। आज ही के दिन भारत के 29वें राज्य की स्थापना हुई थी।


तेलंगाना 2014 से हर साल 2 जून को अपना स्थापना दिवस मनाता आ रहा है। यह दिन आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद राज्य के गठन की याद दिलाता है।

1724 से 1948 तक, निज़ामों ने अपने क्षेत्र में मराठी भाषी राज्यों के बीच अंतर करने के लिए तेलंगाना शब्द का इस्तेमाल किया।


1309 ई. में, Allaudin Khilji के सेनापति Malik Kafur ने वारंगल को घेर लिया। इसके बाद इस क्षेत्र पर 1687 तक दिल्ली सल्तनत का शासन रहा।


Nizam-ul-Mulk Asif Jah, जो आसिफ जहां निजाम वंश से थे, ने 1799 में स्वतंत्रता की स्थापना की।

यह क्षेत्र 1946 तक अंग्रेजों के साथ-साथ हैदराबाद के निजाम के नियंत्रण में रहा।


1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, Jawaharlal Nehru और Sardar Patel ने आग्रह किया कि हैदराबाद के अंतिम निजाम, Osman Ali Khan, भारतीय संघ में शामिल हों, लेकिन उन्हें बार-बार मना किया गया। हालांकि, भारतीय सेना ने 17 सितंबर, 1948 को हैदराबाद पर कब्जा कर लिया।

हैदराबाद के निज़ाम ने अंततः इसे सरदार पटेल को सौंप दिया, और हैदराबाद राज्य भारतीय संघ में शामिल हो गया।


डॉ मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2013 में तेलंगाना राज्य की स्थापना को सहमति दी और फरवरी 2014 तक तेलंगाना से जुड़े स्टेटहुड बिल को राज्यसभा और लोकसभा में पास कर दिया गया।

हालाँकि लोक सभा से इस विधेयक को पारित कराते समय आशंकित हंगामे के चलते लोकसभा-टेलिविज़न का प्रसारण रोकना पड़ा था।


राज्य के गठन के समय, तेलंगाना में आंध्र प्रदेश के 23 ज़िलों में से 10 ज़िले आये थे। इस क्षेत्र को आंध्र प्रदेश की 294 में से 119 विधानसभा सीटें और 42 लोकसभा सीटों में से 17 सीटें प्राप्त हुई।


Kalvakuntla Chandrashekar Rao तेलंगना के पहले मुख्यमंत्री चुने गए।

तेलंगाना के पास हैदराबाद, अदिलाबाद, खम्मन, करीमनगर, महबूबनगर, मेडक, नलगोंडा, निजामाबाद, रंगारेड्डी और वारंगल जैसे मुख्य शहर शामिल हैं।


हैदराबाद को दस साल के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया। यह परतन्त्र भारत के हैदराबाद नामक रजवाड़े के तेलुगूभाषी क्षेत्रों से मिलकर बना है।

यह दिन राज्य के इतिहास में वर्षों से निरंतर तेलंगाना आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण है। यह दिन उन लोगों को सम्मानित करके मनाया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है।