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Rudraksh convention center : काशी का रुद्राक्ष बनेगा भारत-जापान की दोस्ती का मिसाल

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शिव, नाम सुनते ही आदि से अनंत तक की अनुभूति होती है। शिव, एक गहरा अर्थ हैं। साधारण जीवन जीने में यकीन रखने वाले शिव अपने श्रृंगार में नाग, चंद्रमा और रुद्राक्ष धारण करते हैं। उनके धारण करते ही इनकी शोभा और महत्त्व दोनों बढ़ जाती है। रुद्राक्ष, शिव का वरदान और प्रेम का प्रतीक है। शिव की पावन नगरी काशी में लोगों को एक और सौगात मिल गया है। हाल ही में गुजरात में जापानी आर्किटेक्चर के तर्ज पर बनाया गया जेन गार्डन का उद्घाटन किया गया था। अब फिर से भारत-जापान की तकनीकी दोस्ती की मिसाल बनते हुए वाराणसी में Rudrakash Convention Center का उद्घाटन किया गया है। आपको बता दे की यह कन्वेंशन सेंटर शिवलिंग के आकार में बनाया गया है।

देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में भारत-जापान की तकनीकी दोस्ती की मिसाल ‘रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर’ का उद्घाटन किया गया है। जापानी और भारतीय वास्तु शैलियों का संगम वाले रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने तैयारी की है। वहीं इसके निर्माण का काम भी जापान की ही फुजिता कॉरपोरेशन कंपनी ने लिया है। 186 करोड़ की लागत से तैयार इस हाइटेक कन्वेंशन सेंटर में देश-विदेश के सैलानी गीत, संगीत, नाटक और प्रदर्शनी का लुत्फ उठा सकेंगे।

बता दें कि दिसंबर 2015 में जापान के पीएम शिंजो आबे, जब वाराणसी दौरे पर पहुंचे थे तो उन्होंने वहां पर यह VICCC प्रोजेक्ट गिफ्ट में दिया था। इस दो मंजिला कन्वेंशन सेंटर को 2.87 हेक्टेयर जमीन पर वाराणसी के सिगरा इलाके में बनाया गया है।

तीन एकड़ में तैयार यह कन्वेंशन सेंटर दुनिया के अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इस सेंटर में एक साथ 1,200 लोगों के बैठने की क्षमता है। यहाँ की कुर्सियां वियतनाम से मंगाई गई हैं और यहाँ 150 लोगों की क्षमता वाले दो कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाये गए हैं। इसके बेसमेंट में 120 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। खास बात ये है की दिव्यांगों के लिए यहाँ विशेष इंतजाम किए गए हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरा परिसर फ्रेंडली है। सेंटर के दोनों मुख्य दरवाजों पर 6-6 व्हील चेयर मिलेंगे।

इस कन्वेंशन सेंटर के नाम के मुताबिक ही यहां 108 बड़े और आकर्षक आर्टिफिशियल रुद्राक्ष लगाए गए हैं। सेंटर के बाहरी हिस्से में एल्युमिनियम के लगे ये बड़े रुद्राक्ष इसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। साथ ही इसकी छत को शिव लिंग के आकार का बनाया गया है।

सितंबर 2017 में पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अहमदाबाद में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान वाराणसी कन्वेंशन सेंटर का नाम रुद्राक्ष रखा था। उसी दौरान इसके डिज़ाइन को भी लॉन्च किया गया था। इसकी गैलरी वाराणसी की विशिष्ट संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करती है, जिसमें भित्ति चित्र इसकी कला और संगीत को दर्शाते हैं।

रुद्राक्ष प्रेम का प्रतीक और मानवता के लिए भगवान शिव का प्रसाद है। यह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, वाराणसी के लिए जापान के प्रेम की माला होगी। इसके बनने से वाराणसी में टूरिज्म को और भी बढ़ावा मिलेगा।