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Pod Taxi : भारत हुआ Hi-Tech, बिना ड्राइवर के चलेगी गाड़ी

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आपको वो टार्ज़न वाली फिल्म याद है, जिसमें ब्लू कलर की खूबसूरत सी कार टार्ज़न, बिना ड्राइवर के भी चलती थी। खैर, उसमें तो हॉरर सीक्वेंस वाला मोड़ था। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की रियल लाइफ में भी आपको एक ऐसी ड्राइवरलेस कार मिल जाये, जिसमें आप बस बैठे रहें और अपनी मंज़िल तक पहुंच जाएँ। ये सुनने में कोई ख्वाब सा लगता है। लेकिन मैं आपको बता दूं की ये ख्वाब, हकीकत बनने वाला है। दरअसल, भारत में पहली पॉड टैक्सी का निर्माण होने जा रहा है। ये पॉड टैक्सी (Pod Taxi) कॉमन ट्रैवल व्हीकल है, जो बिना ड्राइवर के चलेगी। इस वीडियो के माध्यम से जानते हैं की क्या है ये पॉड टैक्सी और भारत में कहाँ बनकर तैयार होगी।

तकनीक के क्षेत्र में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में अब देश में पहली पॉड टैक्सी (Pod Taxi) फिल्स सिटी से जेवर एयरपोर्ट के बीच दौड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 862 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है और यह न केवल एक फास्ट और सेफ ट्रांसपोर्टेशन विकल्प के रूप में उभर सकता है, बल्कि यह सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करने में भी मदद कर सकता है। अगर प्रदूषण के एंगल से देखे, तो भी ये सही है, क्योंकि ये बैटरी से चलती है। जेवर एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी, ग्रेटर नोएडा तक और एयरपोर्ट से लेकर सेक्टर 32 तक दो फेज में इसे बांटा है।

इसके बनने के बाद, उत्तर प्रदेश जल्द ही पॉड टैक्सी (Pod Taxi) सर्विस प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। पॉड टैक्सी को मेट्रो के मुकाबले ज्यादा किफायती माना जाता है, साथ ही इसमें दुर्घटना की संभावना भी नहीं के बराबर होती है। भारत में पॉड टैक्सी चलाए जाने की यह पहली कोशिश हो रही है। पॉड टैक्सी पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होती है। इसमें ड्राइवर नहीं होते है। यह बैटरी से चलती है। आइये अब चलते हैं और जानते हैं की आखिर क्या है ये पॉड टैक्सी, जिसका विदेश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।

Indian Port Rail & Ropeway Corporation Limited ने जेवर एयरपोर्ट से नोएडा फिल्म सिटी तक 14 किमी के लिए detail project report यानि की DPR तैयार किया है। इसका फाइनल DPR, Yamuna Authority को सौंप दिया गया है। अब इसे यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट ऑथोरिटी बोर्ड, यानी की YIEDA बोर्ड में चर्चा के बाद पास किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो बाद में इसे मंजूरी के लिए यूपी सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में आगे काम बढ़ाया जायेगा। ये पॉड टैक्सी फिल्म सिटी सेक्टर 21 से शुरू होगी और सेक्टर 28, 29 ,30, 32 एवं 33 से होते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक जाएगी।

पॉड टैक्सी, एक एडवांस्ड ट्रांसपोर्टेशन का सिस्टम है, जो की फुल्ली कंप्यूटराइज्ड और आटोमेटिक होता है। आप यूँ समझिये की पॉड टैक्सी भी एक लिफ्ट की तरह काम करता है। जैसे लिफ्ट में एक बार में पांच से छह यात्री सवार हो सकते हैं, वैसा ही कुछ पॉड टैक्सी में भी होता है। जिस तरह लिफ्ट में डैशबोर्ड होता है, जिसमें सभी फ्लोर का नंबर होता है और हमें जिस फ्लोर पर जाना होता है उस फ्लोर का नंबर प्रेस कर देते हैं, ठीक उसी प्रकार पॉड टैक्सी में भी स्क्रीन पर सभी स्टेशन का लिस्ट होता है, उस लिस्ट में आप उस स्टेशन को चुन लीजिये जहाँ आपको जाना है और वह स्टेशन आने पर टैक्सी खुद ही रुक जाएगी।

इस पॉड टैक्सी से 8,000 लोगों के प्रतिदिन यात्रा करने का अनुमान जताया जा है, जिसके सफर को तय करने में बस 15 मिनट लगेंगे। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट पूरी तरह से 2025 तक कंप्लीट हो जाएगा। इस पॉड टैक्सी के बनने से टूरिज्म के क्षेत्र में भी ग्रोथ होने की संभावना है।