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PM Modi भारत की ओर से Paralympics में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से की बात, डिसेबिलिटी अब बनी सुपर एबिलिटी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों के शामिल होने पर 130 करोड़ देशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए उन्हें बिना किसी दबाव के अपना बेहतर प्रदर्शन करने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय पैरा-एथलीट दल के साथ ही उनके कोच और परिजनों से भी मुखातिब हुए। पीएम ने पैरा खिलाड़ियों के खेलों में पदार्पण की कहानी और संघर्ष के साथ ही उनके पसंदीदा भोजन जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि खिलाड़ियों को सरकार की ओर से क्या मदद मिली।

डिसेबिलिटी अब बनी सुपर एबिलिटी

वहीं पीएम मोदी के साथ बातचीत में पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली ने बताया कि कई लोग कहते थे कि दिव्यांग होने के कारण वह खेलों में अपना करियर नहीं बना पाएंगी, लेकिन उन्होंने खुद को साबित करने की ठानी थी। पलक कोहली ने पीएम को बताया कि अकादमी और उनके परिवार के पूर्ण समर्थन के कारण उनकी डिसेबिलिटी अब उनकी सुपर एबिलिटी बन गई है।

फिजिकल स्ट्रेंथ के साथ मेंटल स्ट्रेंथ जरूरी

इस दौरान पीएम ने कहा कि आपका आत्मबल, कुछ हासिल करके दिखाने की आपकी इच्छाशक्ति असीम है। आप सभी के परिश्रम का ही परिणाम है कि आज पैरालंपिक में सबसे बड़ी संख्या में भारत के एथलीट जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर आप ये बखूबी जानते हैं कि, मैदान में जितनी फिजिकल स्ट्रेंथ की जरूरत होती है उतनी ही मेंटल स्ट्रेंथ भी मायने रखती है। आप लोग तो विशेष रूप से ऐसी परिस्थितियों से निकलकर आगे बढ़े हैं जहां मेंटल स्ट्रेंथ से ही इतना कुछ मुमकिन हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं पर दिया जा रहा ध्यान

हमारे छोटे छोटे गांवों में, दूर-सुदूर क्षेत्रों में कितनी अद्भुत प्रतिभा भरी हुई है, आप इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। कई बार आपको लगता होगा कि आपको जो संसाधन सुविधा मिली, ये न मिली होती तो आपके सपनों का क्या होता? यही चिंता हमें देश के दूसरे लाखों युवाओं के बारे में भी करनी है। ऐसे कितने ही युवा हैं जिनके भीतर कितने ही मेडल लाने की योग्यता है।आज देश उन तक खुद पहुंचने की कोशिश कर रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पारंपरिक भारतीय खेलों को भी मिल रही पहचान

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत में स्पोर्ट्स कल्चर को विकसित करने के लिए हमें अपने तौर-तरीकों को लगातार सुधारते रहना होगा। आज अंतर्राष्ट्रीय खेलों के साथ साथ पारंपरिक भारतीय खेलों को भी नई पहचान दी जा रही है। आप किसी भी स्पोर्ट्स से जुड़े हों, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को भी मजबूत करते हैं। आप किस राज्य से हैं, किस क्षेत्र से हैं, कौन सी भाषा बोलते हैं, इन सबसे ऊपर आप आज ‘टीम इंडिया’ हैं। ये स्पिरिट हमारे समाज के हर क्षेत्र में होनी चाहिए, हर स्तर पर दिखनी चाहिए। पहले दिव्यांगजनों के लिए सुविधा देने को वेलफेयर समझा जाता था। लेकिन आज देश इसे अपना दायित्व मानकर काम कर रहा है। इसलिए, देश की संसद ने ‘The Rights for Persons with Disabilities Act, जैसा कानून बनाया, दिव्यांगजनों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दी।

टोक्यो पैरालंपिक में अब तक का सबसे बड़ा दल

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर खिलाड़ियों को हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। टोक्यो पैरालंपिक में अब तक का सबसे बड़ा दल भाग लेने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बावजूद प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का मनोबल कमजोर नहीं होने दिया। प्रधानमंत्री से मिलने के बाद खिलाड़ी भावुक थे। चीयर फॉर इंडिया कार्यक्रम ने देश को जोड़ने का काम किया है।

बता दें, भारत 24 अगस्त से 5 सितंबर तक चलने वाले पैरालंपिक खेलों की नौ स्पर्धाओं में हिस्सा लेगा। कुल 9 खेल स्पर्धाओं के 54 पैरा-एथलीट देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए टोक्यो जायेंगे। यह पैरालंपिक खेलों में भाग लेने वाला अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल है।