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अमेरिकी सरकार में बढ़ा भारतीय मूल का बोलबाला

mala adiga

भारत और अमेरिका के संबंध काफी पुराने हैं और बीते दो दशकों में भारत और अमेरिका के रिश्ते और भी गहरे हुए हैं। ओबामा और ट्रंप के समय भारत के साथ अमेरिका का रिश्ता काफी गहरा हुआ वो बात अलग है की राजनीतिक कूटनीति और कारोबार को लेकर रिश्ते कुछ ऊपर नीचे हुए लेकिन सब सही रहा। अब यह देखना है की जब जो बाइडेन अमेरिका की बागडोर संभाल रहे हैं तो भारत के साथ यह रिश्ता कितना गहरा होता है? उनकी नीतियां ओबामा और ट्रंप से कितनी अलग होंगी यह देखने की बात है।

जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद भारत से उनके रिश्ते और उनके नीतियों का तुम बाद में पता चलेगा लेकिन जो बाइडेन अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल पर काफी विश्वास दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। अमेरिका के उप राष्ट्रपति के रूप में भारतीय मूल की कमला हैरिस चुनी गई है।

अब माला अडिगा का नाम सामने आ रहा है जिसे अमेरिका की प्रथम महिला यानी जो बाइडेन की पत्नी जिल बाइडेन की नीति निर्देशक बनाया जा रहा है। माला अडिगा इससे पहले उच्च शिक्षा और सैन्य परिवारों के लिए निदेशक के रूप में बिडेन फाउंडेशन में काम कर चुकी हैं।

जिल अमेरिका के शिक्षा और कम्युनिटी टीचिंग की बागडोर संभालेंगी। इसीलिए शिक्षा नीति को लेकर माला अडिगा के अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।ओबामा प्रशासन के दौरान भी अडिगा एसोसिएट अटार्नी जनरल की सलाहकार के तौर पर कार्यरत थीं। माला इससे पहले गिलकी वरिष्ठ सलाहकार भी रह चुके हैं और उन्होंने जो बाइडेन कि राष्ट्रपति चुनाव के समय चुनाव प्रचार के अभियान में सीनियर पॉलिसी एडवाइजर रह चुकी है। इस बात की पुष्टि करते हुए सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्यूचर फर्स्ट लेडी झील की नीति निर्देशक माला अडिगा रहेंगी। जिल का कहना है कि शिक्षा और सैन्य परिवारों को प्राथमिकता देने का इच्छा रखती है।

माला अडिगा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के होमटाउन इलिनायस से है। माला शिकागो लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी के मिनीसोता स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के ग्रीनेल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। अडिगा शुरुआती दौर में संघीय सरकार में क्लर्क की नौकरी करती थी। माला ओबामा के समय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मामलों के ब्यूरो के एकेडमिक प्रोग्राम की उप सहायक सचिव के पद पर कार्यरत थी। साथ ही राष्ट्रपति कार्यालय में महिलाओं के वैश्विक मुद्दों के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ रह चुकी है साथ ही उन्होंने मानवाधिकार से जुड़े पदों पर जिम्मेदारी संभाली थी।