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Indian Certification of Medical Devices Scheme : अब नकली-असली मेडिकल डिवाइसों के क्वालिटी की होगी पहचान

ICMED
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दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस महामारी ने अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवा को चुनौती दी है। इस वायरस के तेज़ी से बढ़ने के कारण मेडिकल क्षेत्र में कई चुनौतियां सामने आई हैं। देश में पहली बार अब अस्पताल और घरों में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल डिवाइसों को Indian Certification of Medical Devices (ICMED) Plus Scheme के तहत सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके लिए ICMED 13485 PLUS स्कीम डिजिटल रूप से लॉन्च किया गया।

ICMED योजना ने इस योजना में और सुविधाएँ जोड़ीं, जिसे 2016 में चिकित्सा उपकरणों के प्रमाणन के लिए लॉन्च किया गया था। Quality Council of India (QCI) और Association of Indian Manufacturers of Medical Devices (AiMeD) ने मिलकर इस स्‍कीम को लांच किया। इसे परिभाषित प्रोडक्ट स्टैंडर्ड्स और स्पेसिफिकेशन के संदर्भ में उत्पादों के गवाह परीक्षण के माध्यम से क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम कंपोनेंट्स और प्रोडक्ट संबंधी क्वालिटी वेलिडेशन प्रोसेस को इंटेग्रट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस स्‍कीम के बाद अब मेडिकल डिवाइसों जैसे थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर मास्क और सेनेटाइजर सहित कुल 6000 डिवाइसों की क्वालिटी की पहचान कर पाना आसान होगा। यह योजना नकली उत्पादों और नकली प्रमाणीकरण से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए खरीद एजेंसियों की सहायता करेगी। यह घटिया चिकित्सा उत्पादों या संदिग्ध मूल के उपकरणों के प्रचलन और उपयोग को भी समाप्त कर देगा।

यह दुनिया भर में पहली योजना है जिसमें क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ-साथ प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन स्टैंडर्ड्स को नियामक आवश्यकताओं के साथ इंटेग्रट किया गया है। यह योजना भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र के लिए गुणवत्ता आश्वासन योजना के अंत तक समाप्त होगी। यह योजना उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत आवश्यक संस्‍था-संबंधी मैकेनिज्म प्रदान करती है।