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Government of Uttarakhand – बिना वजह हॉर्न बजाया तो चुकाने पड़ेंगे इतने हजार तक का जुर्माना, कितने की होती है 5 महीने की सैलरी

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भारत अपना नाम कई तरह की सूचियों में दर्ज करवा चुका है। कुछ में बहुत अच्छा तो कुछ में बहुत खराब है। उनमें से एक है प्रदूषण की सूची। भले ही भारत किसी भी सूची में पीछे रहे लेकिन भारत के कुछ राज्य ऐसे हैं जो इस सूची में सबसे आगे रहते हैं। उनमें से एक है भारत की राजधानी दिल्ली(Delhi) ।

हालांकि पिछले साल कोरोनावायरस की वजह से देश भर में लगे लॉकडाउन के कारण दिल्ली सहित पूरी दुनिया में पॉल्यूशन का स्तर काफी नीचे चला गया था। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद फिर धीरे-धीरे पॉल्यूशन का स्तर ऊपर जाने लगा। अब कुछ ही दिनों में विश्व पर्यावरण दिवस आने वाला है। और इससे पहले उत्तराखंड सरकार (Government of Uttarakhand) ने प्रदूषण को लेकर एक अहम फैसला लिया है।

उत्तराखंड सरकार ने ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के क्रम में अब उत्तराखंड में शांत क्षेत्र-जोन अधिसूचित करने के प्रस्ताव पर 5 मई की कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी गई है। शांत क्षेत्र-जोन में परिवेशीय वायु गुणवत्ता के संदर्भ में ध्वनि सीमा के मानक तय करने के साथ-साथ नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना भुगतना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको बता दें राज्य में प्रेशर हार्न (Pressure Horn) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही लाउडस्पीकर के लिए भी मानक तय कर दिए गए हैं।

राज्य में ध्वनि प्रदूषण के लिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत नियम में आवासीय क्षेत्र, शांत क्षेत्र वाणिज्यिक क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए दिन रात के समय में ध्वनि के मानक को निर्धारित किया गया है। नियम का उल्लंघन ना हो इसके लिए पदाधिकारी बनाने की व्यवस्था की जा रही है।

आपको बता दें पिछले साल NGT ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की कार्ययोजना बनाने के लिए राज्यों को निर्देश दिए थे। इसी प्रस्ताव पर कल की कैबिनेट बैठक में इस पर मोहर लगा दिया गया और अब उत्तराखंड में प्रेशर हॉर्न पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा। राज्य में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने पर आपको 1000 से 40000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

देश में ध्वनि प्रदूषण एक बहुत बड़ा संकट है। उत्तराखंड द्वारा लिए गए इस फैसले से अन्य राज्य भी ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रस्ताव जारी कर सकते हैं। जिससे देश में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लग सके।