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CSMT IGBC गोल्ड सर्टिफिकेशन पाने वाला मुंबई का पहला रेलवे स्टेशन, जानें इसकी खासियत

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भारतीय रेलवे का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसे Indian Industry’s Indian Green Building Council (IGBC) रेटिंग के अनुसार गोल्ड सर्टिफ़िकेशन प्रदान किया गया है।

यह रेलवे स्टेशन, मध्य रेलवे (CR) ज़ोन के अंतर्गत आता है। Central Railway’s General Manager संजीव मित्तल और Divisional Railway Manager शलभ गोयल ने IGBC के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह अरोड़ा से पट्टिका प्राप्त की।

स्टेशन को अलग-अलग विकलांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कम्यूटर फ्रेंडली बनाया गया है। स्टेशन के साइट क्षेत्र का 15% से अधिक हिस्सा पेड़ों और छोटे पार्कों से घिरा हुआ है और आर्गेनिक खाद के साथ लॉन बनाए गए हैं।

साइट पर 245 kWp सौर पैनल हैं और स्टेशन पर 100% लैंप को LED fixtures से बदल दिया गया है। इसके अलावा 17 ऑक्यूपेंसी सेंसर विभिन्न कार्यालयों और प्रतीक्षालयों में स्थापित हैं। पार्किंग में इलेक्ट्रिक 2 और 4 व्हीलर को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ पार्किंग स्थानों के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट बनाया गया है।

ग्रीन बिल्डिंग बनाने के लिए, भवन में स्वच्छ और ताजी हवा और पर्याप्त धूप होनी चाहिए और साथ हीं क्षेत्र में पर्याप्त पेड़, बगीचा और खुला स्थान होना चाहिए। इसी के साथ फव्वारे और एलईडी लाइट होनी चाहिए, कम पानी वाले पेड़ों का सेवन करना चाहिए और अधिक से अधिक सिस्टम सौर ऊर्जा पर आधारित होना चाहिए।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, पूर्व में जिसे विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था, एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है। इसका निर्माण 1878 में शुरू हुआ और 1887 में महारानी विक्टोरिया के नाम पर इसका नाम विक्योरिया टर्मिनस रखा गया।

इसे बनाने में 16,13,863 रूपये की लागत आई। इस बिल्डिंग का डिजाइन आर्किटेक्ट फ्रेडरिक स्टीवेंस ने तैयार किया था। इसके निर्माण में एक दशक का समय लगा था। 2013 में भवन के 125 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष डाक कवर जारी किया गया था।