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विकसित होना है तो एकता का दीपक जलता रहे

किसी भी देश को विकसित होने के लिए के देश के अंदर लोगों के बीच एकता का होना बहुत जरुरी होता है। देश का विकाश तभी होता है जब लोगों के अंदर धर्म जाती का भेद भाव न हो कर एकता का दीपक जलता रहे, ऐसी ही सोच रखने वाले और सीखने वाले भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनको शत शत नमन। आज भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। इसीलिए आज के दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के नाम से मनाया जाता है।

सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात नाडियाड में हुआ था। भारत को बनाने में सरदार की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने भारत की 565 रियासतों का विलय करवा कर अखंड भारत का निर्माण करवाया था। सरदार पटेल ने अपने जीवन काल में लोगों को एकता का पाठ पढ़ाया। आज उनकी 145वीं जयंती है।

आज सुबह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनके स्टेचू ऑफ़ यूनिटी (Statue Of Unity) के सामने श्रद्धांजलि भेंट की। नरेंद्र मोदी ने इस स्टेचू का उद्घाटन साल 2018 में 31 अक्टूबर के दिन गुजरात के नर्मदा जिले में किया था। सरदार पटेल की इस स्टेचू का लम्बाई 182 m है। सरदार पटेल की ये स्टेचू न्यूयोर्क की स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी (Statue Of Liberty) के दो गुना है। इस दिन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में भी शामिल होते है।

आइये जानते सरदार पटेल के जीवन की कुछ बातें :-

  1. सरदार पटेल ने 10वीं की परीक्षा काफी देर से दी थी, इसके बावजूद भी उन्होंने जिलाधिकारी परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किया था। उनके पढाई में देरी की वजह उनके घर की आर्थिक तंगी थी।
  2. लंदन में उन्होंने बैरिस्टर की पढाई की और भारत आ कर अहमदाबाद में उन्होंने वकालत शुरू की।
  3. महात्मा गाँधी के विचारों से प्रेरित हो कर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया।
  4. स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का पहला बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में था।
  5. सरदार पटेल भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने थे।
  6. स्वतंत्रता के बाद उन्होंने ने देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत का निर्माण करवाया।
  7. सरदार पटेल को ‘लौह पुरुष’ की उपाधि महात्मा गाँधी ने दी थी।
  8. नर्मदा के सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार पटेल की 182 मीटर की लौह स्टेचू है।
  9. सरदार पटेल का सपना था की देश में प्रशासनिक सेवा हो और उन्होंने भारत में प्रशासनिक सेवाओं पर काफी काम भी किया था।
  10. बारडोली सत्याग्रह आंदोलन के सफलता के बाद बारडोली की महिलाओं ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दी थी।

सरदार पटेल के जयंती पर प्रधानमंत्री से ले कर हर राजनेता ने ट्विटर पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।