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भारत में हो रहा सड़क संरचना का विकास, हर दिन बन रहे 37 km National Highway

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एक देश की आधारभूत संरचना ही होती है जो उस देश के वास्तविकता का भान कराती है। किसी भी देश की आधारभूत संरचना की मजबूती से यह पता चलता है कि कोई देश असल में कितना मजबूत है। भारत अभी सबसे ज्यादा ध्यान इसी आधारभूत संचरना पर दे रहा है। हम सब जानते हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways), आधारभूत संचरना के महत्वपूर्ण अंग होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इस क्षेत्र में चमत्कारिक गति से काम करते हुए शानदार प्रगति की है। इस दौरान एक दिन में सबसे अधिक सड़क बनाने का रेकॉर्ड भी भारत ने अपने नाम दर्ज किया। भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 1 लाख 37 हजार से अधिक है, जो लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही भारत तेज गति से हाइवे बनाने के अपने रिकॉर्ड को लगातार सुधार रहा है। सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करते हुए बताया कि भारत अब हर दिन 37 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण कर रहा है, जो अबतक सबसे तेज गति का निर्माण है।

पिछले कुछ साल में नेशनल हाइवे के निर्माण की गति

इसमें कोई शक नहीं की पिछले कुछ साल में भारत ने सड़क संरचना के क्षेत्र में काफ़ी प्रगति की है। 2009 से 2014 के बीच भारत ने हर साल औसतन 4 हजार 9 सौ 18 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण किया। इस दौरान भारत ने 13 किमी प्रतिदिन की गति से ये निर्माण किया है। वहीं 2014 से 2021 के बीच भारत ने औसतन हर साल 8 हजार 9 सौ 93 किमी हाईवे बनाया। वहीं हाईवे बनाने की गति बढ़कर प्रतिदिन 25 किमी हो गई। वर्ष 2020-21 में भारत ने 11 हजार किमी हाईवे निर्माण का लक्ष्य रखा था, जबकि भारत ने इस वर्ष लक्ष्य से ज्यादा 13 हजार 3 सौ 27 किमी हाईवे का निर्माण किया और प्रतिदिन निर्माण की गति बढ़कर 37 किमी पहुंच गई।

भारतमाला प्रोजेक्ट

भारत में 200 से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जो पूरे देश को इस कोने से उस कोने तक जोड़े हुए हैं। उन्हीं में से एक है ‘भारतमाला सड़क परियोजना’। दूसरे शब्दों में कहें तो यह परियोजना भारत में राजमार्ग विकास के क्षेत्र में नगीना है, जिसकी चमक से पूरा भारत जगमगा रहा है। इसी प्रकाश का एक हिस्सा राजस्थान में चमक बिखेर रहा है। जी हां, भारतमाला परियोजना के तहत ही राजस्थान के बाड़मेर-जैसलमेर में अब शानदार चमचमाता हुआ हाइवे, इस क्षेत्र की तरक्की के लिए दरवाजे खोले खड़ा है। भारतमाला परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा जो अब तक अधूरे हैं। सरकार के मुताबिक योजना के पूरा होने पर भारतमाला के तहत राजमार्ग की कुल लंबाई 51,000 किमी होगी। परियोजना पर काम गुजरात और राजस्थान से शुरू हो चुका है।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

सड़क न सिर्फ बुनियादी ढांचे का सबसे महत्वपूर्ण अंग है बल्कि ये देश के विकास की नब्ज भी है। सरकार पहले से ही लोगों की सहूलियत के लिए कई नई सड़कें बना रही है, लेकिन पिछले कुछ सालों से उनके आस पास वृक्षारोपण, उनके प्रत्यारोपण, सौंदर्यीकरण और रख-रखाव पर भी जोर दिया जा रहा है और इसीलिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा देशभर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाये जा रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत बनाये जा रहे 5 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) और 17 एक्सप्रेस कंट्रोल्ड ग्रीन्डफील्ड नेशनल हाईवे की समीक्षा की है। 8,000 किलोमीटर लंबे इन 22 ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर अनुमानित 3.26 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इस वर्ष अबतक का सर्वाधिक बजट किया गया आवंटित

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने संसद में केंद्रीय बजट 2021-22 में सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए उपायों की घोषणा की थी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ रुपये का रुपये का बजट आवंटन किया गया। इसमें से 1,08,230 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत अब तक की सबसे अधिक है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) क्या है ?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का गठन भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1988 के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, अनुरक्षण और प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अन्य छोटी परियोजनाओं सहित, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (National Highways Development Project-NHDP) का कार्य सौंपा गया है। आपको बता दें, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना भारत में प्रमुख राजमार्गों को उच्च स्तर पर उन्नत, पुनर्व्यवस्थित और चौड़ा करने की एक परियोजना है। इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी।