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Frank Kameny: गूगल डूडल का सम्मान समलैंगिक कार्यकर्ता के नाम

Frank-Kameny
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वैसे तो गूगल हर बार कुछ खास करता है लेकिन इस बार उसने एक ऐसी शख्सियत का डूडल बनाया है जिन्होंने पहली बार समलैंगिकों की आवाज़ उठाई थी। दरअसल गूगल ने आज फ्रैंक कामेनी (Frank Kameny) का डूडल (Google Doodle) बनाया है। फ्रैंक कामेनी को सम्मान देने के लिए, गूगल डूडल ने रंगीन माला पहने इस कार्यकर्ता का एक एनिमेटेड ग्राफिक पब्लिश किया। अपने जीवनकाल में उन्होंने एक खगोलशास्त्री और समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता के रूप में काम किया।

Franklin Edward Kameny एक अमेरिकी समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्हें व्यापक रूप से यूएस LGBTQ अधिकार आंदोलन के सबसे प्रमुख व्यक्ति के रूप में पहचान मिली थी। उनका जन्म New York के Queens में साल 1925 में हुआ था। उन्होंने 15 साल की उम्र में फिजिक्स पढ़ने के लिए Queens College में दाखिला लिया। वे दूसरे विश्व युद्ध में वे यूरोप में सेना का हिस्सा भी रहे। आर्मी से निकलने के बाद उन्होंने 1948 में फिजिक्स में ग्रेजुएशन की। बाद में उन्होंने Harvard University से खगोल विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

1957 में, फ्रैंक कामेनी ने Army Map Service के साथ अमेरिकी सरकार के खगोलशास्त्री के रूप में नौकरी स्वीकार कर ली, लेकिन उनकी समलैंगिकता के कारण कुछ ही महीने बाद उन्हें निकाल दिया गया। हालांकि, सरकार के इस फैसले को मानने के बजाए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और 1960 के दशक में पहली बार समलैंगिक अधिकार के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किए।

1971 में अमेरिका कांग्रेस के लिए खड़े होने वाले कामेनी पहले गे बने। 1975 में सिविल सर्विस कमीशन ने LGBTQ कर्मचारियों पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। साल 2009 में फ्रैंक कामेनी को अमेरिकी सरकार से औपचारिक माफी मिली। Washington DC ने 2010 में उनके सम्मान में Dupont Circle के पास 17th Street NW के एक खंड का नाम “Frank Kameny Way” रखा। कामेनी की मृत्यु 86 साल में 2011 में हुई।

गूगल की स्थापना लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने की थी। गूगल डूडल की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसके बाद से हर इवेंट पर गूगल डूडल पेश करता है, चाहे किसी की पुण्यतिथि हो या फिर किसी का जन्मदिन या कोई आविष्कार हुआ है। गूगल ने पहला डूडल बर्निंग मैन फेस्टिवल के सम्मान में बनाया था।