फुल वॉल्यूम 360° खोज-आविष्कार विज्ञान-अंतरिक्ष विदेश

ELU Robot : अब दुनिया में पानी की लड़ाई होगी खत्म, ये रोबोट पैदा करेगा पानी

elu robot
Spread It

धरती एक ऐसा प्लेनेट है जहाँ सारे रिसोर्सेज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मगर साइंटिस्ट दूसरे ग्रह पर भी जीवन का पता लगाने की जद्दोजहद कर रहें हैं। हाल ही में नासा ने मंगल ग्रह पर अपना Perseverance rover भी उतारा था और इसकी पहली तस्वीर भी साझा की थी। मंगल एक ऐसा ग्रह है, जहाँ लाइफ होने की संभावना है। बहुत से वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि मंगल ग्रह पर कभी पानी रहा होगा। अब इजिप्ट के एक इंजीनियर ने ये चमत्कार कर दिखाया है। दरअसल, उन्होंने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो हवा से पानी बनाता है।

दुनिया में रोबोटिक टेक्निक का विकास दिनोंदिन तेजी से बढ़ रहा है। अब इजिप्ट के इंजीनियर महमूद एल कोमी (Mahmoud Elkoumy) ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो रेगिस्तान में हवा से पानी बनाता है। इस रोबोट का नाम इलू (ELU) रखा गया है। नासा (NASA) के मंगल मिशन से प्रेरित होकर बनाया गया यह रोबोट, इस ग्रह के समान वेदर कंडीशन में काम करता है। इंजीनियर कोमी का दावा है कि यह रोबोट मंगल ग्रह पर नमी को एब्जॉर्ब करके पीने योग्य पानी बना सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) की मदद से यह रोबोट, हवा में मौजूद नमी को पानी में बदलता है।

इलू रोबोट को एक ऐसी तकनीक से तैयार किया गया है जिसमें खर्च कम आता है और ज्यादा पानी तैयार किया जा सकता है। यह रोबोट, रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। कम लागत वाली यह तकनीक, पॉलिमर का उपयोग करके कम एनर्जी के साथ बड़ी मात्रा में पानी उत्पन्न कर सकती है। इलू के लिए एक चौथाई पानी बनाने में लगभग दो सेंट का खर्च आता है, जो कुएं की खुदाई और नदी के विस्तार सहित किसी भी अन्य मौजूदा तकनीक की तुलना में दस गुना सस्ता है। इस रोबोट को तैयार करने में 18 हजार रुपए लगे हैं। इलू से एक लीटर पानी तैयार करने में 7 पैसे लगता है।

इलू रोबोट को तैयार करने में 9 माह का समय लगा है। इस रोबोट द्वारा हवा से पानी पैदा करने की लागत, अन्य तकनीकों की तुलना में कम है। वर्तमान में हवा से पानी बनाने के लिए मैकेनिकल हीट एक्सचेंजर्स (Mechanical Heat Exchangers) का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह तकनीक काफी महंगी होने के साथ इसमें एनर्जी की अधिक जरूरत होती है। इलू इसका नया, सस्ता और असरदार ऑप्शन बन सकता है। दूसरी तकनीक से एक लीटर पानी तैयार करने में 75 पैसे का खर्च आता है, वहीं इलू से बस 7 पैसे का।

इस रोबोट इलू की खास बात ये है की इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर उन क्षेत्रों में भी किया जा सकेगा जो सूखे की चपेट में है और जहाँ पानी बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं है। चलिए जानते हैं की ये रोबोट आखिर नमी से पानी को कैसे बनाता है। हवा से पानी पैदा करने की प्रक्रिया डिफरेंट स्टेजेज से गुजरती है। पहला स्टेज फिल्ट्रेशन है, जहां हवा को अच्छी तरह से फ़िल्टर किया जाता है। फिर कंडेंसशन होता है, जहाँ नमी, पानी में कन्वर्ट हो जाता है। फिर एक और बार फिल्ट्रेशन स्टेज है ,उसके बाद अल्ट्रावायलेट का यूज करके एक स्टरलाइजेशन स्टेज होता है। इसके बाद मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मिनरल साल्ट्स को ऐड किया जाता है। इसके बाद यह पानी पूरी तरह पीने योग्य हो जाता है।

पृथ्वी, तीन चौथाई पानी से घिरा हुआ है, पर फिर भी पीने का पानी 1% से भी कम है। इस रोबोट के प्रोसेस से पृथ्वी पर पानी की समस्या का समाधान हो सकता है और पानी की कमी के मुद्दे को हल करने में भी मदद मिल सकती है।