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Cryptogamic Garden : देवभूमि में खुला, डायनासोर के ज़माने का गार्डन

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ये वादियां, ये पहाड़,
हमें यहीं रोक लेते हैं।
हम जब- जब इन्हें देखते हैं,
यादों में खो जाते हैं।

उत्तराखंड का खूबसूरत शहर देहरादून, अपनी हसीन वादियों के लिए जाना जाता है। देहरादून के पूर्व में गंगा नदी बहती है, तो वहीं पश्चिम में यमुना नदी। इसका प्राकृतिक सौंदर्य हर किसी का मन मोह लेता है। हाल ही में इस देहरादून के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। दरअसल, देहरादून में भारत का पहला क्रिप्टोगेमिक गार्डन (Cryptogamic Garden) खुल गया है। ये देहरादून से तकरीबन 99 किलोमीटर की दूरी पर है और 8850 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।


भारत का पहला क्रिप्टोगेमिक गार्डन उत्तराखंड के देउबन में खोला गया है। चकराता कस्बे में स्थित इस गार्डन का उद्घाटन सोशल एक्टिविटिस्ट अनूप नौटियाल ने किया। यह गार्डन 9000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और तीन एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह गार्डन लगभग 50 विभिन्न प्रजातियों का घर है। यहां लाइकेन, शैवाल जैसे प्रजातियां हैं, जो प्रकृति के संतुलन को बनाये रखने में मददगार साबित होते हैं।


अभी हमने ये तो जाना की भारत में पहला क्रिप्टोगेमिक गार्डन खुला है, लेकिन ये क्रिप्टोगेम्स आखिर है क्या ? दरअसल, क्रिप्टोगेमिक पौधे बिना बीज वाले पौधों की प्रजातियां होती इनमें कोई बीज, फूल आदि नहीं होते हैं। क्रिप्टोग्राम ऐसे पौधे हैं जो जुरासिक युग यानी की डायनासोर के ज़माने से पृथ्वी पर मौजूद हैं। इसमें Algae, Mosses, Fern, Fungi, Lichens, जैसे पौधें पाएं जाते हैं। आपको बता दें की इन सारी प्रजातियों का जबरदस्त इकोनॉमिक वैल्यू है। वहीं स्वाद बढ़ाने के लिए हैदराबादी बिरयानी और गलौटी कबाब जैसी प्रसिद्ध पकवानों में मसालों के रूप में कई लाइकेन का उपयोग किया जाता है।


क्रिप्टोगेम्स की एक खासियत ये है कि, ये प्रदूषित क्षेत्रों में नहीं उगते। इन्हें सबसे अच्छा बायोइंडीकेटर भी माना जाता है। मतलब की, ये क्रिप्टोगेम्स जहाँ भी उगते हैं, वो यही दर्शाते हैं की वहां गंदगी या फिर प्रदूषण नहीं है।


देवबन को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह इन पौधों के समूह का एक अच्छा प्राकृतिक आवास है, जो प्रदूषण से मुक्त है और इन पौधों के लिए सही नमी की स्थिति भी प्रदान करता है। यह जगह प्रदूषण रहित और देवदार और ओक के जंगलों से घिरी है। यह क्रिप्टोगेमिक गार्डन इन प्रजातियों के इकोलॉजिकल इम्पोर्टेंस को देखते हुए और इन पौधों के महत्वपूर्ण समूह के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए स्थापित किया गया है। अपनी खूबसूरती से सबको मंत्रमुग्ध करने वाला शहर देहरादून, अब इस क्रिप्टोगेमिक गार्डन की मदद से पर्यावरण संरक्षण में भी एक कदम बढ़ा रहा है।