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DRS के नियमों में हुए बदलाव, जानिए क्या रहा “अंपायर कॉल” को ले कर ICC का फैसला

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के 1 अप्रैल को हुए बोर्ड मीटिंग में फैसला किया गया है कि विवादास्पद ‘अंपायर्स कॉल’ अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (DRS) का हिस्सा बनी रहेगी लेकिन मौजूदा डीआरएस (DRS) नियमों में कुछ बदलाव लागू किए गए हैं।

हाल ही में भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat kohli) ने अंपायर कॉल को ‘भ्रमित’ करने वाला करार दिया था और पिछले कुछ समय से यह विवाद का विषय रहा है। मौजूदा नियमों के अनुसार अगर अंपायर के नॉटआउट के फैसले को चुनौती दी जाती है जो उसे बदलने के लिए गेंद का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कम से कम एक स्टंप से टकराना चाहिए। ऐसी नहीं होने की स्थिति में बल्लेबाज नॉटआउट ही रहता है।

ऑफिसियल नोटिफिकेशन

https://www.icc-cricket.com/media-releases/2081342

मीटिंग में डीआरएस (DRS) के तीन नियमों में बदलाव किये गए हैं। बोर्ड मीटिंग के बाद आईसीसी ने बयान जारी करते हुए कहा की, LBW (Leg before wicket) के रिव्यू के लिए विकेट जोन की ऊंचाई को बढ़ाकर स्टंप के शीर्ष तक कर दिया गया है। इसका मतलब हुआ कि अब रिव्यू लेने पर बेल्स के ऊपर तक की ऊंचाई पर गौर किया जाएगा जबकि पहले बेल्स के निचले हिस्से तक की ऊंचाई पर गौर किया जाता था। इससे विकेट जोन की ऊंचाई बढ़ जाएगी।

पगबाधा यानी की LBW के फैसले की समीक्षा पर निर्णय लेने से पहले खिलाड़ी अंपायर से पूछ पाएगा कि गेंद को खेलने का वास्तविक प्रयास किया गया था या नहीं।

साथ ही तीसरे अंपायर (Third Umpire) शॉर्ट रन (Short Run) की स्थिति में रीप्ले (Replay) में इसकी समीक्षा कर पाएंगे और अगर कोई गलती होती है तो अगली गेंद फेंके जाने से पहले इसे सही करेंगे।

इसके अलावा बोर्ड द्वारा फैसला किया गया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहाल करने के लिए 2020 में लागू किए गए अंतरिम कोविड-19 नियम जारी रहेंगे।

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