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भारत में मिलेगा बैटरी भंडारण को बढ़ावा, 18,100 करोड़ रुपये के स्कीम को मिली मंजूरी

Piyush-Goyal
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सरकार ने 18,100 करोड़ रुपये के अनुमानित ऑउटले पर बैटरी भंडारण को बढ़ावा देने के लिए Production Linked Incentive (PLI) योजना ‘National Programe on Advanced Chemistry Cell (ACC) Battery Storage’ को मंजूरी दे दी है। यह स्कीम ACC की पचास (50) Giga Watt Hour (GWh) और “Niche” ACC के 5 GWh की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी प्राप्त करने के लिए है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, National Programme on Advanced Chemistry Cell (ACC) बैटरी स्टोरेज से 45,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। इस योजना के आने से कई लाभ होंगे। भारत में बैटरी भंडारण के लिए मांग बढ़ेगा। नई और आला सेल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे काफी हद तक तांबा और बॉक्साइट जैसे स्थानीय उत्पादों का उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

ACC एडवांस्ड स्टोरेज टेक्नोलॉजीज की नई पीढ़ी है जो इलेक्ट्रिक एनर्जी को या तो एलेक्ट्रोकेमिकल या केमिकल एनर्जी के रूप में संग्रहीत कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर इसे वापस इलेक्ट्रिक एनर्जी में परिवर्तित कर सकती है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, एडवांस्ड इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड, सोलर रूफटॉप आदि जो प्रमुख बैटरी खपत वाले क्षेत्र हैं, आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि हासिल करने की उम्मीद है।

यह उम्मीद की जा रही है कि प्रमुख बैटरी प्रौद्योगिकियां, दुनिया के कुछ सबसे बड़े विकास क्षेत्रों को नियंत्रित करेंगी। ACC की सभी मांग वर्तमान में भारत में आयात के माध्यम से पूरी की जा रही है। यह बैटरी स्टोरेज पर आयात निर्भरता को कम करेगा। यह आत्मनिर्भर भारत पहल का भी समर्थन करेगा। ACC बैटरी स्टोरेज निर्माताओं को प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाएगा।

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