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The Voice Of Australia में 12 साल की जानकी का जलवा

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जिसके पास है ऑंखें नम करने की ताकत वो है संगीत। संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर के लिए एक कहावत फेमस है कि यहाँ बच्चे रोते हैं तो सुर में और पत्थर लुढ़कते हैं तो ताल में। भारत तो एक ऐसा देश हैं, जहाँ संगीत को पूजा जाता है। हाथ में वीणा लिए हुए माँ सरस्वती, इस बात को दर्शाती हैं की संगीत तो रोम-रोम में है। भारतवर्ष की सारी सभ्यताओं में संगीत का बड़ा महत्व रहा है। तानसेन से लेकर बैजू बावरा ने संगीत से कई चमत्कार किये हैं। भारतीय संगीत की एक अलग खनक और खासियत होती और अब इस बात को विदेश के लोग भी जानेंगे। दरअसल, विदेशी धरती पर जानकी ईश्वर (Janaki Easwar) नाम की एक कंटेस्टेंट ने  इंडियन क्लासिकल म्यूजिक गाकर सभी लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया है।

12 साल की जानकी ईश्वर ने ऑस्टेलियन म्यूजिक रियलिटी शो “द वॉयस ऑस्ट्रेलिया” (The Voice Australia) में अपनी छाप छोड़ दी है, जिससे जज सहित सभी दंग रह गए हैं। द वॉयस में अभी ब्लाइंड ऑडिशंस हो रहें हैं, जिसमें जानकी भी एक पार्टिसिपेंट हैं। जिस मोमेंट उन्होंने बिली इलिश द्वारा गाये ‘लवली’ नाम के गाने को गाना शुरू किया, भीड़ पागल हो गई। इतना ही नहीं, उन्होंने गाने में कर्नाटक एलिमेंट्स भी जोड़े, जो क्लियर रूप से हिट हो गया।

सबसे बड़े सिंगिंग प्रोग्राम द वॉयस के उस स्टेज पर आना और ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म करना किसी के लिए भी एक सपने के सच होने जैसा है। जानकी ने इस रियलिटी शो में अपने देश के कल्चर को भी दिखाया। उन्होंने एक खास तरफ का ऑउटफिट, सुंदर सफेद पट्टू पावड़ा पहना हुआ था, जिसमें एक काले रंग का लेस टॉप था, जो उस संस्कृति को रिप्रेसन्ट कर रहा था जहाँ से वो आई हैं।

ब्लाइंड ऑडिशन में, जजों की पीठ कंटेस्टेंट की ओर होती है, जबकि वे परफॉर्म करते रहते हैं। कम्पटीशन में कंटेस्टेंट को आगे बढ़ने के लिए कम से कम एक जज को मुड़ना ज़रूरी है। लेकिन जानकी का गाना सुनकर जजस को अपना बजर दबाने और पलटने में देर नहीं लगी। उनके इंडियन बैकग्राउंड को देखते हुए जब एक जज ने जानकी से पूछा कि क्या वह कुछ इंडियन गा सकती हैं, तो उन्होंने एक इंडियन क्लासिकल सांग गाया। उनका यह गाना विदेशी लोगों को इतना पसंद आया की वहां तालियों की गूंज रुक ही नहीं रही थी।

विदेशी धरती पर अपनी बेटी और अपने देश की संस्कृति की तारीफ़, जानकी के माता-पिता, दिव्या और अनूप के लिए एक गर्व का क्षण था। जानकी ‘द वॉयस’ रियलिटी टीवी शो में परफॉर्म करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की कंटेस्टेंट हैं।

दक्षिणी भारतीय राज्य केरल के भारतीय प्रवासी की बेटी जानकी ने अपनी भारतीय विरासत को स्टेज तक पहुँचाया। जानकी का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। उनके माता पिता ने उन्हें इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक से परिचित कराया। जब वो सिर्फ पाँच साल की थी तब उन्होंने वायलिन बजाना शुरू कर दिया था। उसके बाद उन्हें कर्नाटिक म्यूजिक में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। जब वे आठ साल की थी तब उनका फोकस चेंज हुआ, जब उन्हें वेस्टर्न म्यूजिक में इंट्रेस्ट आना शुरू हुआ। जानकी आठ साल की उम्र से स्टेज पर परफॉर्म कर रहीं हैं, लेकिन ये उनका पहला रियलिटी शो है जो इतना पॉपुलर है।

जानकी ने अपने संगीत के माध्यम से भारत के लिए, लोगों के नजरिए को बदला है। भारत में म्यूजिक का क्या अहमियत है अब पूरी दुनिया इस शो के माध्यम से जानेगा।