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G20 की मेजबानी से भारत होगा सम्मानित

G20 के लीडर्स ने घोषणा की कि भारत 2023 में G20 हाई प्रोफाइल ग्रुपिंग के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। पहले से तय होने के बाबजूद भी भारत इसे एक साल बाद होस्ट करेगा। 2019 में ओसाका घोषणा के अनुसार, रियाद में 2020 और इटली में 2021 शिखर सम्मेलन के बाद, भारत को शुरू में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए 2022 लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, Ministry of External Affairs के बयान से पता चला है कि G20 प्रेसीडेंसी 2021 में इटली, 2022 में इंडोनेशिया, 2023 में भारत और 2024 में ब्राजील में होगी।

रविवार को G20 रियाद सम्मेलन का समापन हुआ। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन, जो की वर्चुअली हुआ था, का फोकस कोविड 19 महामारी था। G20 रियाद सम्मिट लीडर्स डिक्लेरेशन ने कहा, “हम एक सफल रियाद शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने और G20 प्रक्रिया में इसके योगदान के लिए सऊदी अरब को धन्यवाद् देते है। हम 2021 में इटली में अपनी अलग बैठक, 2022 में इंडोनेशिया, 2023 में भारत और 2024 में ब्राज़ील के लिए तत्पर है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्चुअल G20 रियाद शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोविड के बाद की दुनिया में reformed multilateralism की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा “सऊदी अरब द्वारा आयोजित वर्चुअल समिट के दूसरे दिन जी 20 भागीदारों को फिर से संबोधित करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। मैंने बहुपक्षीय संगठनों में सुधारों के महत्व को दोहराया ताकि तेजी से पोस्ट-कोविड रिकवरी के लिए बेहतर वैश्विक शासन सुनिश्चित किया जा सके।”

G20 को Group of Twenty भी कहा जाता है। यह 19 देशों और यूरोपीय संघ (EU) की सरकारों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है। 1999 में ‘इंटरनेशनल फाइनेंसियल स्टेबिलिटी’ को बढ़ावा देने से संबंधित नीति पर चर्चा करने के उद्देश्य से स्थापित, जी 20 ने 2008 के बाद से अपने एजेंडे का विस्तार किया है और सरकार के प्रमुखों या राज्यों के प्रमुखों के साथ-साथ वित्त मंत्री, विदेश मंत्री और थिंक टैंक भी शामिल हैं। यह उन मुद्दों को संबोधित करना चाहता है जो किसी एक संगठन की जिम्मेदारियों से परे हैं।