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SC on Women in NDA Exam : सुप्रीम कोर्ट का आदेश अब लड़कियां दे सकेंगी एनडीए की परीक्षा

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SC on Women in NDA Exam : सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश के लिए परीक्षा में सम्मिलित होने की छूट दे दी है। शीर्ष अदालत ने एनडीए परीक्षा को लेकर अपने आदेश में कहा कि सेना का ‘पॉलिसी डिसिजन’ लैंगिक समानता के लिहाज से भेदभावपूर्ण है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित की जाने वाली एनडीए परीक्षा के वर्ष 2021 के सेकेंड एडिशन के लिए अधिसूचना 9 जून 2021 को जारी की गयी थी। अधिसूचना के अनुसार, एनडीए 2 परीक्षा के माध्यम से 400 रिक्तियों के लिए भारतीय नागरिक अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों से 29 जून आवेदन आमंत्रित किये गये थे। इसके बाद परीक्षा 5 सितंबर को आयोजित की जानी थी, लेकिन आयोग ने संशोधित कार्यक्रम में परीक्षा तारीख बदल दी थी।

सुनवाई के दौरान सेना ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह एक नीतिगत निर्णय है, जिस पर जस्टिस संजय किशन कौल और हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने कहा कि यह नीतिगत निर्णय “लिंग भेदभाव” पर आधारित है। जिसके बाद कोर्ट ने अपना अंतरिम आदेश पारित करते हुए महिलाओं को 5 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने के निर्देश दिए और कहा कि दाखिले कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन होंगे।

याचिका में कहा गया कि पर्याप्त 10+2 स्तर की शिक्षा प्राप्त पात्र महिला उम्मीदवारों को उनके लिंग के आधार पर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा देने के अवसर से वंचित कर दिया जाता है, और इस इनकार का परिणाम यह होता है कि शिक्षा के 10+2 स्तर पर, अधिकारी के रूप में सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए पात्र महिला उम्मीदवारों के पास प्रवेश के किसी भी तरीके तक पहुंच नहीं है। जबकि समान और समान रूप से 10 + 2 स्तर की शिक्षा वाले पुरुष उम्मीदवारों को परीक्षा देने का अवसर मिलता है और योग्यता के बाद राष्ट्रीय रक्षा में शामिल हो जाते हैं।