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Railway NTPC बहाली में बड़ा बदलाव : रेलवे ने वेटिंग लिस्ट हटाने का किया एलान, जितनी सीटें उतने ही बच्चों को DV में बुलाने का फैसला

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DESK : रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने बड़ा फैसला किया है. Railway NTPC की भर्ती में फिर से कई बदलाव किये गए हैं. मेरिट लिस्ट, बहाली की प्रक्रिया और Document Verification को लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने मेरिट में वेटिंग लिस्ट हटाने का निर्णय लिया है. साथ ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (दस्तावेज़ सत्यापन) के लिए उतने ही बच्चों को बुलाने का फैसला लिया गया है, जितने पदों पर बहाली होने वाली है. यानि कि DV के लिए दूसरों को मौक़ा नहीं दिया जायेगा.

भारत सरकार के अधीन रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से शुक्रवार को जारी ताजा नोटिस के अनुसार 5 बड़े बदलाव किये गए हैं. सबसे पहले सरकार ने extra/standby लिस्ट को हटाने का एलान किया है. सरकार का कहना है कि नियम में बदलाव करते हुए मेरिट लिस्ट में नीचे के कैंडिडेट का इस्तेमाल किया जायेगा.

सरकार ने दुसरा निर्णय ये लिया है कि “जिन कैंडिडेट्स का चुनाव OBC/ST/SC/EWS/PwBD, ExSM इत्यादि केटेगरी का बेनिफिट लेकर हुआ है, उन्हें आगे की प्रोसेस में केवल अपने केटेगरी में ही रखा जाएगा.” जबकि ये नियम नहीं था. पहले वाले विज्ञापन में बोल्ड अक्षर में लिखीं बातों को हटाने का निर्णय लिया गया है.

इसके अलावा सरकार ने एक और सबसे बड़ा निर्णुय लिया है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि रेलवे एनटीपीसी की भर्ती परीक्षा पास करने के बाद अब मात्रा उतने ही बच्चों को दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाया जायेगा, जितने पदों पर बहाली हो रही है. आपको बता दें कि Railway NTPC में लगभग 35 हजार पदों पर ही बहाली हो रही है. लिहाजा बोर्ड इतने ही बच्चों को Document Verification के लिए बुलाएगा.

गौरतलब है कि रेलवे के मूल विज्ञापन के अनुसार सरकार ने ये कहा था कि जितनी सीटें हैं, जरूरत पड़ने पर उससे 50 फीसदी अधिक बच्चों को दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाया जायेगा. लेकिन विज्ञापन में जो नए बदलाव किये गए हैं. उसमें सरकार ने साफ़ कहा है कि रिक्त पदों की संख्या के बराबर ही बच्चों को DV के लिए बुलाया जायेगा. 50 प्रतिशत अतिरिक्त कैंडिडेट्स को बुलाने वाली लाइन को डिलीट कर दिया गया है.

इसके अलावा 14 मार्च 2019 को जारी किये गए संशोधित विज्ञापन में भी सरकार ने दो बड़े बदलाव किये हैं. पहला ये है कि जिन कैंडिडेट्स का चुनाव OBC/ST/SC/EWS/PwBD, ExSM इत्यादि केटेगरी का बेनिफिट लेकर हुआ है, उन्हें आगे की प्रोसेस में केवल अपने केटेगरी में ही रखा जाएगा. आपको बता दें कि ये ओरिजिनल नोटिफिकेशन ये बात नहीं कही गई थी. इसे 14.03.2019 के अमेंडमेंट में जोड़ा गया था. लेकिन अब इसे वापस ले लिया गया है.

दूसरा बदलाव ये किया गया है कि ओरिजनल नोटिफिकेशन में लिखा गया था कि Closing डेट से पहले का EWS सर्टिफिकेट होना आवश्यक है. बाद में हुए बदलाव में ये कहा गया था कि EWS Certificate फाइनेंसियल ईयर 2017-18 का बना होना चाहिए. अब अमेंडमेंट नोटिस में यह कहा गया है कि नोटिफिकेशन के बाद का भी बना हुआ EWS सर्टिफिकेट वैध माना जायेगा. जिसकी मांग छात्र आंदोलन के दौरान कर रहे थे.

आपको बता दें, 15 जनवरी 2022 को रेलवे एनटीपीसी लेवल 1 (NTPC level 1) के परीक्षा परिणाम के बाद बिहार, झारखंड, यूपी में अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था. उम्मीदवारों की प्रमुख मांग रही थी कि प्रथम श्रेणी में शामिल अभ्यर्थी कई पदों पर शामिल हुए. ऐसे में दूसरे चरण की परीक्षा में उनको भी मौका दिया जाए.

10 मार्च को रेलवे ने नोटिस जारी कर नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) परीक्षा में 20 गुना अभ्यर्थियों को शामिल करने का एलान किया था. रेलवे की हाई पावर कमिटी की अनुशंसा के बाद रिजल्ट की तारीखों का एलान किया गया था. रेल मंत्रालय के फैसले के बाद एनटीपीसी भर्ती परीक्षा के लिए नया रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया गया था. इसके अलावा रेलवे ने ग्रुप डी की भर्ती के मात्र एक एग्जाम लेने का फैसला किया गया था. रेलवे की ओर से 10 मार्च 2022 को नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी गई थी.

रेलवे ने उम्मीदवार की अधिकांश मांगों पर सहमत जताते हुए कहा था कि अप्रैल महीने के अगले सप्ताह में संसोधित रिजल्ट देने के बाद सीबीटी-2 (CBT-2) के लेवल 6 का एग्जाम मई महीने में लिया जायेगा. रेलवे के अधिकारियों के द्वारा बताया गया था कि रेलवे कुल रिक्तियों के 20 गुना के आधार पर परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए सहमत हो गया है और अगले महीने यानी की अप्रैल में परिणाम जारी कर दिया जाएगा.

जानकारी के लिए बता दें, भारतीय रेलवे में ग्रुप D के 1.03 लाख पदों पर बहाली हो रही है. इस भर्ती को लेकर रेलवे की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि ग्रुप डी की बहाली में एक नहीं बल्कि दो-दो एग्जाम लिए जायेंगे. जिसके बाद कैंडिडेट ने काफी हंगामा किया था. इसके साथ-साथ RRB NTPC के रिजल्ट को ले कर भी अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया था कि स्टूडेंट की समस्या के समाधान के लिए हाई पावर कमिटी का गठन किया जायेगा.

रेलवे द्वारा गठित कमिटी की अनुशंसा के बाद रेलवे इस नतीजे पर पहुंची थी कि अब रेलवे ग्रुप डी में दो कि जगह मात्र एक ही एग्जाम लिया जायेगा और इस परीक्षा का आयोजन जुलाई महीने में इसी साल किया जायेगा. इसके अलावा RRB NTPC परीक्षा परिणाम में 20 गुना अभ्यर्थियों को शामिल करने का फैसला भी लिया गया था.

अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई कमिटी ने रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर एनटीपीसी और ग्रुप डी परीक्षा के लिए नए नियम बनाये गए थे. रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक रेलवे द्वारा गठित हाई पावर कमिटी को करीब 295,000 सुझाव मिले थे. वेबसाइट के माध्यम से 2,18,000 सुझाव, ईमेल के माध्यम से 64,000 और रेलवे भर्ती बोर्ड से 13,800 सुझाव मिले थे.

रेलवे बोर्ड की ओर से 35,000 एनटीपीसी (NTPC) पदों पर भर्ती निकाली गई थी. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लेवल-1 की परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या साढ़े चार लाख के आसपास रही है, जिसे बढ़ाने का फैसला छात्रों के आंदोलन के बाद गठित की गयी कमिटी की रिपोर्ट RRB को सौंपने के बाद लिया गया था.

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