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नीतीश सरकार ने युवाओं को दिया तोहफा, बिहार में ITI कॉलेजों के बहुरेंगे दिन

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DESK: अब बिहार के युवा को मिलेगा रोजगार. बिहार के युवा भी इस आधुनिकता के दौर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे. बिहार कैबिनेट ने मंगलवार को टाटा टेक्नोलॉजी के साथ 149 आईटीआई के आधुनिकीकरण को मंजूरी मिल गई है. इससे बिहार के युवाओं को बड़े स्तर पर फायदा होगा. अब उन्हें दूसरे शहर जाकर जॉब के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे, इस आधुनिकीकरण को मंजूरी मिलने के बाद अब आईटीआई सेक्टर वाले लोग शहर में रहकर काम कर सकेंगे.


इस मद में बिहार सरकार ने 4,606 करोड़ रुपये खर्च करने का ब्योरा भी प्रस्तुत किया है. इसके तहत बिहार सरकार ने 149 राज्य के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई (ITI) के आधुनिकीकरण और उत्कृष्टता केंद्रों के उन्नयन के लिए 4,606 करोड़ रुपये से अधिक की एक परियोजना को स्वीकृति प्रदान की. कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि परियोजना को टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से चलाया जाएगा. राज्य के आईटीआई कॉलेजों को टाटा टेक्नोलॉजी में मदद मिलेगी.

मंत्री ने बताया कि इसके तहत पहले चरण में राज्य में संचालित 60 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाना है. जिससे छात्रों को नौकरी भी आसानी से मिलेगी. 20 कंपनियां टाटा टेक के साथ मिलकर काम करेगी और बिहार में 60 आईटीआई को पहले फेज में चिन्हित किया गया है, जिसमें नया ट्रेड का पाठ पढ़ाया जाएगा और बच्चों को रोजगार अवसर में भी यह ट्रे़ड काफी हितकारी साबित होगा.

आगे कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज ने राज्य भर में सभी 149 सरकारी स्वामित्व वाले आईटीआई को अपग्रेड करने पर सहमति दे दी है. उनमें से 60 के पास अपने भवन और अन्य आवश्यक बुनियादी ढाँचे हैं. और इनका मार्च 2022 तक पहले चरण में आधुनिकीकरण किया जाएगा. शेष 89 का कार्य मार्च 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा.

इस बात की जानकारी देते हुए बिहार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा बताया कि अब राज्य के सभी सरकारी आईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. उन्होंने कहा कि जो कैबिनेट की बैठक हुई,उसमें युवाओं के लिए बहुत ही अहम फैसला लिया गया है जो युवाओं के लिए हितकारी साबित होगा. मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि सात निश्चय योजना पार्ट-2 के अंतर्गत सभी सरकारी आईटीआई में गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर यह अहम फैसला लिया गया है. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा टाटा टेक्नालॉजीज के साथ करार किया गया है.

मंत्री जीवेश मिश्रा ने बताया कि इसमें मुख्य रूप से वेल्डिंग व औद्योगिक रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन प्रशिक्षण, आईओटी और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन एवं डिजाइन, सभी प्रकार की मरम्मत और रख रखाव, जैसे ट्रेड का पाठ संचालित किया जाएगा. मंत्री ने बताया कि टाटा की टीम हर सेंटर पर अधिकारी की तैनाती करेंगे, जिससे युवाओं के कौशल का विकास होगा. सभी सरकारी आईटीआई में 10 हजार स्क्वॉयर फीट में यह सेंटर बनाया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार इसमें 12% राशि लगाएगी और टाटा इस योजना पर कुल 88% राशि खर्च करेगी.

आपको बता दें कि सरकारी आईटीआई कॉलेज में दाखिले के लिए हर साल ‌बिहार राज्‍य संयुक्‍त प्रतियोगिता परीक्षा, पर्षद प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है. जिसमे सफल विध्यार्थी ही जाते हैं. और कॉलेज खत्म होने से पहले अलग अलग कंपनियां यहां आकर छात्र छात्रों को अपनी कंपनियों में शामिल करते हैं. ऐसे हर कंपनियों में ट्रैनिंग के लिए छात्रों की डिमांड बानी रहती है. टाटा टेक्नोलॉजी के साथ हुआ ये फैसला बिहार के युवाओं को काफी आगे बढ़ा सकता है जिससे उनको रोजगार भी मिल जाएगा.

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