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Jivika Didi को मिली नई जिम्मेदारी, कराएंगी मछली पालन, तालाबों को किया जा रहा चिह्नित

Machali-Palan
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PATNA : राज्य में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने को लेकर सरकार ने अब तालाबों में मछली पालन की योजना बना रही है. साथ ही मछली पालन करने की जिम्मेदारी जीविका दीदी (Jivika Didi) को सौंपने की तैयारी में है. जानकारी हो कि जीविका दीदी ऐसे तालाबों में मछली का पालन करेंगी, जहां मत्स्य विभाग का हस्तक्षेप नही है. साथ ही बता दें कि यह तालाब एक एकड़ से पांच एकड़ से कम क्षेत्र में होना चाहिए. एक रिपोर्ट के मुताबिक पटना (PATNA) जिले के एक एकड़ से अधिक क्षेत्र वाले 111 तालाब चिह्नित किये गये हैं.

प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे तालाबों को चिन्हित किया जाएगा. वहीं कई जिले तो ऐसे भी है जहां चयन प्रक्रिया पूरी कर भी ली गई है. जानकारी हो कि पटना जिले में कुल छोटे बड़े तालाबों की संख्या 1028 है. इसमें एक एकड़ से अधिक वाले तालाब चार सौ से अधिक हैं. लेकिन ज्यादातर तालाबों पर मत्स्य विभाग अधिपत्य है और वहां मत्स्य विभाग ही मछली पालन करा रहा है. मंगलवार को डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इस विषय पर बैठक की और सीओ को तीन दिनों में तालाबों का भौतिक सत्यापन करने को कहा.

जानकारी हो कि जीविका समूह को 5 वर्षों के लिए नि:शुल्क रुप से आवंटन किया जाएगा. इसके अलावा कार्य निष्पादन के लिए जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति पहले से ही गठित है. इस समिति मे अपर समाहर्ता राजस्व उपाध्यक्ष है तो पांच अधिकारी समिति के सदस्य के रुप में नामित हैं.

समिति के सदस्य के रुप में जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर इकाई, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला वन अधिकारी हैं तथा जिला परियोजना प्रबंधक जीविका सदस्य सचिव है. जानकारी हो कि गांवों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस परियोजना पर काम कर रही है. वहीं एक तालाब से 10 परिवारों का जीविकोपार्जन की जा सकती है.

जीवीका दीदीयों को वही तालाब उपलब्ध करवाया जाएगा. जिसका क्षेत्रफल एक एकड़ से अधिक और पांच एकड़ से कम हैं साथ ही उसमें मत्स्य विभाग की ओर से मछली पालन नहीं कराया जा रहा है, ऐसे तालाबों को जीविका के बने समूह को सौंपा जाएगा. सभी जिलों में ऐसे समूह संबंधित जिलों के डीएम की देखरेख में संचालित किए जाएंगे. मछली पालन से प्राप्त राशि से तालाब का समय-समय पर जीर्णोद्धार एवं अन्य कार्य भी कराया जाएगा तथा जीविका समूह को भी लाभ होगा. साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

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