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अभी की सबसे बड़ी खबर: फिर से आएगा NTPC CBT 1 का 20% Result, Group D में होगा सिर्फ एक Exam, रेलवे का बड़ा फैसला

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PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने सभी क्षेत्रीय आधिकारिक वेबसाइटों पर NTPC के CBT 1 का रिजल्ट घोषित किया था, जिसे बदलने की बात सामने आ रही है. छात्रों के आंदोलन के बाद रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है. मौजूदा रिजल्ट में संसोधन कर रेलवे ने नया रिजल्ट प्रकाशित करने की बात कही है. साथ ही साथ Group D की परीक्षा में किये गए बदलाव को रद्द कर सिर्फ एक एग्जाम कराने की बात कही गई है.

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के सांसद सुशील कुमार मोदी ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है. आपको बता दें कि बिहार में पिछले चार दिनों से लगातार आंदोलन चल रहा है. कल 28 जनवरी को भी छात्रों द्वारा बिहार बंद का आह्वान किया गया है. दरअसल छात्र NTPC के CBT 1 के परिणाम को लेकर नाराज हैं. पहले सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों की मदद से छात्र अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे और अब फिजिकल आंदोलन कर अपनी बात सरकार के सामने रख रहे थे. जिसके बाद रेलवे द्वारा रिजल्ट को बदल कर नया रिजल्ट जारी करने की बात कही गई है.

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि, “रेलवे ग्रुप डी की दो की जगह एक परीक्षा लेगा. एनटीपीसी के परिणाम ‘एक छात्र-यूनिक रिजल्ट’ फार्मूले पर जारी किये जायेंगे. रेल मंत्री वैष्णव ने मुझे भरोसा दिलाया है. बिहार में प्रशासन न करे कोई दमनात्मक कार्रवाई. मैंने रेल मंत्री से आग्रह किया कि एनटीपीसी के मामले में “वन कैंडीडेट-वन रिजल्ट” के सिद्धांत पर निर्णय किया जाना चाहिए.

सुशील मोदी ने आगे लिखा है कि, “रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे बोर्ड ने यदि फैसला अचानक लेने से परहेज किया होता और समय रहते छात्रों के भ्रम दूर किये होते,तो बिहार में ऐसी अप्रिय स्थिति नहीं पैदा होती. मेरी राज्य के पुलिस प्रशासन से अपील है कि छात्रों पर कोई दमनात्मक कार्रवाई न की जाए. छात्र कोई अपराधी नहीं हैं. छात्रों से अपील है कि संयम बरतें ताकि रेलवे बोर्ड मामले के सभी पहलुओं की जांच पूरी कर परीक्षार्थियों के हित में फैसला कर सके.”

सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार रिजल्ट में संसोधन पर विचार कर रही है. सोर्स का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शन का असर देखने को मिला. सरकार के बड़े अधिकारी इसपर विचार कर रहे हैं. आपको बता दें कि हाल ही में आरआरबी ने एनटीपीसी ग्रेजुएट – पोस्ट ग्रेजुएट सीईएन -01/2019 पदों के लिए आयोजित स्टेज 1 परिणाम जारी किया था. जिससे छात्र असंतुष्ट थे.

रिजल्ट का विरोध कर रहे रेलवे अभ्यर्थियों का कहना है कि CBT 1 के रिजल्ट में कई त्रुटियां हैं. एक तो सरकार ने विज्ञापन के मुताबिक परिणाम नहीं जारी किया. और दूसरी बात ये है कि एक ही छात्र का चयन कई क्षेत्रीय बोर्ड में किया गया है. स्कोरकार्ड और कट-ऑफ तैयार करने में गड़बड़ी की गई है. आपको बता दें कि 35000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए रेलवे ने साल 2019 में NTPC के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था.

एनटीपीसी के पदों पर बहाली के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा 14 जनवरी को परिणामों की घोषणा की गई. लेकिन उम्मीदवारों ने रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया. इसका असर ये रहा कि अगले ही दिन रेल मंत्रालय ने इसे लेकर निम्न बिंदुओं में स्पष्टीकरण दिया है. लेकिन छात्र इसे भी मानने को तैयार नहीं हैं.

रेल मंत्रालय का कहना है कि नोटिफिकेशन के पैराग्राफ 13 के अनुसार ही रिक्त पदों की संख्या से कुल 20 गुना उम्मीदवारों का चयन किया गया है. जारी रिजल्ट में 7 लाख रोल नंबर चयनित हैं. जो कि 35000 पदों का 20 गुना है. रेल मंत्रालय का कहना है कि यह कभी भी नहीं कहा गया था कि CBT 2 के लिए 7 लाख उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. एक ही उम्मीदवार को पात्रता के आधार पर कई लेवल के लिए चयनित किया जा सकता है.

कटऑफ को लेकर रेल मंत्रालय ने कहा है कि रिजल्ट नॉर्मलाईजेशन प्रक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है. कट ऑफ कुल वैकेंसी पर निर्भर करता है. चूंकि टेन प्लस टू के लिए लगभग 10,500 पद थे, जिनके लिए 35000 उम्मीदवार पात्र है. इसलिए कट ऑफ अधिक रहा. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंत में लगभग 35000 उम्मीदवारों का ही चयन किया जाएगा और एक पद पर केवल एक उम्मीदवार की ही नियुक्ति की जाएगी और कोई पद खाली भी नहीं रहेगा.

रेलवे के अभ्यर्थी मंत्रालय की तमाम दलीलों को मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि सरकार ने Railway Recruitment Board Non-Technical Popular Categories के विज्ञापन के तहत 20 फीसदी रिजल्ट देने की बात की थी. स्टूडेंट के हंगामे और यूपी समेत देश के 5 राज्यों में होने वाले चुनाव को देखते हुए यह कयास लगाया जा रहा है कि मोदी सरकार रिजल्ट में संसोधन कर सकती है. और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

आपको बता दें कि 28 दिसंबर 2020 से 31 जुलाई 2021 तक कुल सात चरणों में आयोजित की गई थी. यह 2019 की विज्ञप्ति है, जिसके जरिये 35000 से ज्यादा पदों को भरा जाना है. अभी तक केवल सीबीटी1 परीक्षा का आयोजन किया गया है, इसमें सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए उम्मीदवार सीबीटी 2 की परीक्षा में बैठेंगे. जिसका रिजल्ट संसोधन के बाद फिर से आने वाला है.

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