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BPSC Headmaster Recruitment 2022 : TET और STET पास शिक्षक भी बन सकेंगे हेडमास्टर, बहाली में अनुभव प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं

BPSC-Headmaster
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PATNA : बिहार (Bihar) के प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक और हेडमास्टर (Headmaster) की बहाली की जा रही है. पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकाय संस्थान से जुड़े ऐसे प्रशिक्षित मूलकोटि एवं स्नातक शिक्षक और TET-STET पास शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. ये टीचर अब बीपीएससी (BPSC) द्वारा आयोजित प्रधान शिक्षक की बहाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे.

पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के साथ साथ सूबे के बेसिक ग्रेड के टीइटी शिक्षक नियमावली में सुधार करने को लेकर लगातार आंदोलनरत थे. बीपीएससी द्वारा सोमवार को जारी ताजे नोटिफिकेशन के कंडिका 5 में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पेटीशनर एसोसिएशन द्वारा की गई याचिका संख्या 16633/2021 में माननीय पटना हाईकोर्ट द्वारा जारी अंतरिम आदेश बहाली प्रक्रिया में प्रभावी रहेगा. गौरतलब है कि माननीय पटना उच्चन्यायालय ने अक्टूबर 2021 और जनवरी 2022 को अपने अंतरिम आदेश में पेटीशर टीइटी एसोसिएशन के टीइटी शिक्षक सदस्यों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश किया है.

खंडपीठ ने टीईटी एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षकों संघ को अंतरिम राहत देते हुए याचिकाकर्ताओं को प्रधान शिक्षक की परीक्षा देने की इस शर्त के साथ अनुमति दे दी है कि परीक्षा का परिणाम इस याचिका पर कोर्ट के अंतिम फैसले पर लागू होगा एवं याचिकाकर्ता कोर्ट के फैसले से पहले किसी भी अधिकार का दावा नहीं कर सकेंगे.

उधर, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकाय संस्थान से जुड़े ऐसे प्रशिक्षित मूलकोटि / स्नातक शिक्षक जिनकी लगातार सेवा दो साल की हो चुकी है, उन्हें अलग से प्रमाण पत्र निर्गत करने की आवश्यकता नहीं होगी. उनकी सेवा संपुष्ट मानी जायेगी. इस संबंध में दिशा निर्देश सोमवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने जारी किये हैं. दरअसल प्रधान शिक्षक के रिक्त पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी ने अनुभव प्रमाण के विभिन्न माध्यमों के संदर्भ में विभाग से मार्ग दर्शन मांगा था. इसी क्रम में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है. उल्लेखनीय है कि प्रधान शिक्षक पद के लिए आठ वर्ष का अनुभव मांगा गया है.

जहां तक मूल कोटि के शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्रों का सवाल है, उन्हें विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक / प्रभारी शिक्षक की तरफ से अनुभव प्रमाण पत्र जारी किये जायेंगे. अगर अभ्यर्थी स्वयं प्रभारी है, तो उसका अनुभव प्रमाण पत्र प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की तरफ से निर्गत किया जायेगा. चयन के बाद नियुक्ति के समय जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना की तरफ से अभ्यर्थी के अनुभव प्रमाण पत्र को प्रति हस्ताक्षरित करना होगा.

प्राथमिक निदेशक रवि प्रकाश ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं कार्यक्रम पदाधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेज दिया है ताकि अभ्यर्थियों के हित में वह उचित कार्यवाही करा सकें. उल्लेखनीय है कि प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से की जा रही है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है.

गौरतलब है कि पिछले साल ही प्रधानशिक्षक नियमावली जारी होने के बाद याचिकाकर्ता संघ द्वारा नियुक्ति नियमावली को भ्रामक बता कर हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नियमावली में सुधार की मांग की गई थी. संघ ने प्रधानशिक्षक की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य करने की मांग करते हुए कहा है कि जब शिक्षक बनने के लिए भी टीईटी जरूरी है तो देश के अन्य राज्यों की तरह प्रधान शिक्षक बनने के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता लागू होनी चाहिए. संघ ने नवसृजित पद होने के नाते प्रधानशिक्षक की बहाली में अनुभवबाध्यता को भी शिथिल करने की मांग उठाई है ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मद्देनजर प्रतिभावान शिक्षकों की बड़ी संख्या बहाली प्रतियोगिता में शामिल हो सके.

बीपीएससी द्वारा जारी नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि यह बिहार के बेसिक ग्रेड टीइटी शिक्षकों के संघर्षों की दिशा में जीत का निर्णायक कदम है. सूबे के प्राथमिक विद्यालयों के नवसृजित पद प्रधानशिक्षक की बहाली में 8 साल के अनुभव बाध्यता की शर्त थोपकर टीइटी उत्तीर्ण बेसिक ग्रेड शिक्षकों को परीक्षा से वंचित करना चाह रही थी. बीपीएससी के ताजे नोटिफिकेशन से टीइटी शिक्षकों के समक्ष आशा की एक किरण जगी है. याचिका पर न्याय मिलने तक कोर्ट में मजबूती के साथ संघर्ष जारी रहेगा.

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