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Bihar के बच्चों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा तौहफा, खुलेगा नया सैनिक स्कूल, इसी साल शुरू हो जाएगी पढ़ाई

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PATNA : केंद्र सरकार ने बिहार (Bihar) को एक बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल रक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए देशभर में 21 नए सैनिक स्कूल खोलने को मंजूरी दी है, जिसमें बिहार का भी एक विद्यालय शामिल है. रक्षा मंत्रालय प्रदेश की सरकार और निजी स्कूल या एनजीओ के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड में नए सैनिक स्कूलों का संचालन करेगा.

बिहार के समस्तीपुर जिले में रोसड़ा के बटहा गांव स्थित सुंदरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर को नए सैनिक स्कूल के लिए चयनित किया गया है. शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए इसी साल मई महीने से पढ़ाई की शुरुआत होगी. आपको बता दें कि सरकार ने बजट भाषण में निजी भागीदारी में कुल सौ सैनिक स्कूल खोलने का ऐलान किया था.

केंद्र सरकार ने इसे सैनिक स्कूल के रूप में बदलने का निर्णय लिया है. इसकी जानकारी मिलते ही रोसड़ा अनुमंडल के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. रोसड़ा के लोग इसे अपने लिए केंद्र सरकार का तोहफा मान रहे हैं.12 एकड़ के विशाल भूखंड में फैले सुंदरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर की स्थापना 1998 में बटहा निवासी स्वर्गीय डॉ. रामस्वरूप महतो ने की थी.

बताया जाता है कि डॉ. महतो इंग्लैंड में चिकित्सक थे, लेकिन विदेश में रहने के बावजूद अपनी मिट्टी से काफी लगाव रखते थे. इसी कारण उन्होंने अपनी सारी कमाई एक ऐसे विद्यालय की स्थापना में लगा दी, जो सूबे में अपनी एक अलग पहचान बना सके. आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित होने के कारण स्कूल की स्थापना के लिए उन्होंने आरएसएस संचालित विद्या भारती के पदाधिकारियों से सलाह मशविरा के बाद इस विद्यालय की स्थापना की.

स्थापना के बाद यह विद्यालय लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा. स्कूल का कैंपस 12 एकड़ में फैला है. इस विशाल भूखंड में विद्यालय का विशाल भवन, आलीशान ऑडिटोरियम और छात्र-छात्राओं का रम्य छात्रावास भी है. प्रयोगशाला और पुस्तकालय भी है.

सुंदरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर अपने स्थापना काल से ही प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा है. विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था व शिक्षकों की विद्वता और कर्मठता के बदौलत छात्र-छात्राओं का मैट्रिक और इंटर की परीक्षा परिणाम में बेहतर प्रदर्शन रहा है. इस विद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं ने जेईई और नीट आदि प्रतियोगी परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन कर ऊंचा मुकाम हासिल किया है.

यहां के कई छात्र इसरो में साइंटिस्ट हैं. तो कई विदेशों में अपना परचम लहरा रहे हैं. इसी विद्यालय का छात्र त्रिपुरारि मुंबई में रहकर ना केवल युवा शायर बल्कि गीतकार और कवि के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है. दिल्ली और महाराष्ट्र के स्कूल के पाठ्यक्रम में उसकी रचना भी शामिल है. विद्यालय बेहतर शिक्षा और कुशल अनुशासन के लिए इस क्षेत्र में चर्चित है.

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