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बेटियां करेंगी रक्षा : केंद्र सरकार बना रही 100 नए Sainik School, सेना में जाने के सपने को साकार करेंगी छात्राएं

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DESK : सैनिक स्कूल (Sainik School) भारत के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में से एक माना जाता है. यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शुरू से ही सैनिकों की तरह राष्ट्र के प्रति समर्पित होना सिखाया जाता है. सैनिक स्कूलों का उद्देश्य छात्रों को देश की रक्षा सेवाओं में अधिकारियों के रूप में नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है. स्कूल राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से स्मार्ट और होनहार छात्रों का चयन करते हैं और राष्ट्र के नेता बनने के लिए उनके व्यक्तित्व को ढालते हैं. पहले सैनिक स्कूल में केवल लड़कों का ही चयन किया जाता था लेकिन बीते कुछ सालों से छात्राओं के लिए भी सैनिक स्कूल खोल दिया गया है. अब सैनिक स्कूल बॉयज स्कूल की जगह को-एड स्कूल बन चूका है.

सरकार छात्राओं के लिए 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की तैयारी में है. इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित करने के सरकार के फैसले से छात्राओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान करने का अवसर मिलेगा. ऑनलाइन सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की पक्षधर है और उस दिशा में कई कदम उठाये गये हैं. जिसमें सैनिक स्कूलों में उनके प्रवेश का रास्ता साफ करना और महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करना शामिल है.

रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नये सैनिक स्कूल स्थापित करने के निर्णय से लड़कियों को देश की सेवा करने के अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि रक्षा विभाग और सैनिक स्कूल सोसाइटी को सभी सैनिक स्कूलों को उनके प्रदर्शन और ऑडिट के आधार पर रैंकिंग के लिए एक तंत्र तैयार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नये कदमों को शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और देश को लाभ होगा.

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