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बिहार में 45,852 प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदो पर नियुक्ति की मंजूरी, BPSC लेगी परीक्षा

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में 40518 प्रधान शिक्षक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5334 प्रधानाध्यापक के (कुल 45,852) पदों के सृजन की स्वीकृति भी राज्य कैबिनेट ने दे दी है। इन पदों पर बहाली बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से होगी। ये सभी वेतनमान के पद होंगे।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि पूर्व में पंचायतों और नगर में प्रारंभिक शिक्षकों की मूल कोटि के 40518 पद हुआ करते थे। इन पदों को सरकार ने सरेंडर करते हुए इनके स्थान पर बिहार सरकार के नियंत्रण में प्रधान शिक्षक के 40518 पदों का सृजन किया है। नवसृजित पद पर नियुक्त प्रधान शिक्षक राजकीयकृत माध्यमिक स्कूलों में प्रधान शिक्षक के रूप में नियुक्त होंगे। पूर्व में ये पे-स्कूल के पद थे अब नए वेतनमान के पद होंगे। इन पदों पर बहाली बिहार लोक सेवा आयोग के जरिए होगी। इन शिक्षकों को सरकार के दूसरे कर्मचारी-पदाधिकारी के तरह अधिकार दिए जाएंगे।

प्रधान शिक्षक के पद के लिए पात्रता :

  • स्नातक एवं डीएलएड/ बीटी/ बीएड/ बीएएड/ बीएससीएड/ बीएलएड की योग्यता अनिवार्य
  • प्रारंभिक शिक्षक के रूप में कम से कम आठ वर्ष लगातार कार्य करने का अनुभाव

प्रधानाध्यापक पद के लिए योग्यता :

  • स्नातकोत्तर एवं बीएए/ एमएड
  • पंचायती राज संस्था व नगर निकाय संस्था अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक के तौर कम से कम 10 वर्ष लगातार सेवा कार्य का अनुभव
  • सीबीएसई, आइसीएसई और बिहार बोर्ड से स्थायी संबद्धता प्राप्त माध्यमिक व उ’च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में 12 साल की लगातार अवधि तक कार्य अनुभव
  • सीबीएसई, आइसीएसई और बिहार बोर्ड से स्थायी प्राप्त विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षक के रूप में न्यूनतम 10 साल कार्य का अनुभव
  • सीधी नियुक्ति में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा लागू आरक्षण का प्रविधान प्रभावी होगा
  • नियुक्ति जिला स्तर पर आरक्षण रोस्टर के तहत होगी

लिखित परीक्षा

बीपीएससी द्वारा प्रधान शिक्षक व प्रधानाध्यापकों के पद के लिए 150 अंकों की लिखित परीक्षा ली जाएगी। प्रश्न वस्तुनिष्ठ व बहुविकल्पीय होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी। परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी।