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अब 5 नहीं 4 साल में कर सकेंगे इंटीग्रेटेड B.Ed, 2022-23 के एकेडमिक सेशन से होगी शुरुआत

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DESK: बिहार (Bihar) में नई शिक्षा निति (New Education Policy) के मुताबिक अब देश के सभी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड (B.Ed) की पढ़ाई होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में बीएड व इंटीग्रेटेड कोर्स को सरकारी कॉलेजों में शुरू किए जाने पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में उम्मीद जतायी जा रही है कि सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों को बंद किया जा सकता है. दो साल के बीएड कोर्स चलाने वाले कॉलेजों को बंद किया जाएगा. अगर प्राइवेट कॉलेजों में चार साल के कोर्स शुरू नहीं हुए तो उन्हें भी बंद कर दिया जाएगा.

आपको बता दें कि यह चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स आठ सेमेस्टर के होंगे. छात्रों को 18 सप्ताह का इंटर्नशिप करना होगा. इंटर्नशिप में क्षेत्र आधारित अनुभव व अभ्यास शिक्षण भी अनिवार्य रूप से करना होगा. कोर्स को अधिकतम छह वर्ष में पूरा करना होगा.

शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार NCTE (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन) द्वारा प्राइवेट बीएड कॉलेजों में अब टीचर्स, कर्मचारियों और स्टूडेंट्स की अटेंडेंस बायोमेट्रिक के जरिए दर्ज की जाएगी. 12वीं के बाद ही स्टूडेंट्स इंटीग्रेटेड कोर्स में एडमिशन लेकर बीए बीएड, बीएसीसी बीएड और बीकॉम बीएड की पढ़ाई कर सकेंगे. इससे विद्यार्थियों को चार वर्ष में ही स्नातक के साथ-साथ बीएड करने का मौका मिलेगा. इससे उनका एक वर्ष का समय भी बचेगा.

पटना विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य डॉ. कुमार संजीव ने कहा कि अब वैसे ही छात्र-छात्राएं इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे जो ‘स्कूली शिक्षक’ के रूप में करियर अपनाने की सोच रखते हैं. वो इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद वे ‘शिक्षक’ बन सकेंगे. शैक्षिक अध्ययन के सहायक प्राध्यापकों के लिए एमएड, नेट एवं शिक्षाशास्त्रत्त् विषय से डॉक्टरेट की डिग्री न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है. हालांकि स्कूली विषयों के प्राध्यापक नियुक्ति के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर, नेट और पीएचडी के साथ-साथ बीएड की योग्यता को अनिवार्य कर दिया गया है.

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